एमपी की तीर्थ नगरी उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद रोज औसतन 1.25 लाख लोग आ रहे हैं। यहां 2028 में सिंहस्थ का आयोजन भी किया जाना है। ऐसे में देशभर से उज्जैन आने जाने के लिए रेल सुविधाओं में इजाफा करने की जरूरत जताई जा रही है जिसके लिए सबसे ज्यादा डिमांड वंदेभारत Vande Bharat एक्सप्रेस ट्रेनों की हो रही है।
सांसद ने उज्जैन के लिए देवास-इंदौर-फतेहाबाद-बड़नगर-रतलाम-नागदा-होते हुए वंदे भारत Vande Bharat मेट्रो सर्किल ट्रेन चलाने की मांग की है। यह ट्रेन पूरे क्षेत्र के यात्रियों के लिए अत्यधिक सुविधाजनक साबित होगी। रेल मंत्री से मुलाकात के बाद सांसद अनिल फिरोजिया ने एक बार फिर वरिष्ठ अधिकारियों से इन प्रस्तावों पर बात की है। वंदे भारत मेट्रो सर्किल ट्रेन उज्जैन सहित 7 प्रमुख शहरों को जोड़ेगी। इससे देवास, इंदौर, फतेहाबाद, बड़नगर, रतलाम, नागदा और उज्जैन का सफर सुलभ और आसान हो जाएगा।
उज्जैन की स्पीड बढ़ाएंगी ये योजनाएं
- इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन
इंदौर-उज्जैन के बीच आवागमन को और सुगम करने के लिए फोरलेन का विस्तार कर इसे सिक्सलेन बनाया जाएगा। मौके पर इसका कार्य भी शुरू हो गया है। निर्माण पूरा होने के बाद करीब 40 मिनट में ही दोनों शहरों के बीच का सफर पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा इंदौर सुपर कॉरिडोर से उज्जैन चिंतामण क्षेत्र के लिए भी नया मार्ग तैयार किया जा रहा है। - मेट्रो ट्रेन
इंदौर व उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन प्रारंभ करने की योजना है। इसे सैद्धांतिक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। साथ ही डीपीआर भी बनी है। प्रोजेक्ट को सक्षम स्वीकृति मिलने के बाद कुछ सालों में ही उज्जैन-इंदौर के बीच मेट्रो ट्रेन भी दौड़ती नजर आएगी। यह करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रतार से दौड़ेगी। ऐसा होने पर इंदौर-उज्जैन के बीच का सफर काफी कम समय का हो जाएगा। - वंदेभारत सर्किल ट्रेन
यह सबसे अहम योजना साबित होगी जिसमें उज्जैन-देवास-फतेहाबाद-इंदौर को जोड़ते हुए सर्किल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है। इसके लिए ब्रॉडगेज लाइन पहले से उपलब्ध है। योजना को मंजूरी मिलने और लागू होने के बाद उक्त शहरों के बीच ट्रेन का सर्किल रूट विकसित हो जाएगा। वंदे मेट्रो ट्रेन चलती है तो 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से सफर संभव हो सकेगा। यानि मेट्रो से भी कम समय लगेगा।