इस पर शिक्षकों का कहना है कि यह अच्छा निर्णय है, इससे बच्चों को तैयारी करने में आसानी होगी। साथ ही परीक्षा के लिए जो मन में डर रहता है, वह दूर होगा। प्राप्त जानकारी अनुसार सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि दोनों परीक्षाओं के लिए छात्रों को एक ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होंगी और छात्रों को अलग-अलग केंद्रों की असुविधा नहीं होगी।
साथ ही परीक्षा शुल्क में वृद्धि करने की योजना भी बनाई जा रही है, हालांकि, बढ़ी हुई फीस की सटीक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल जारी नहीं हुई है। सीबीएसई ने यह भी तय किया है कि प्रायोगिक परीक्षाएं या आंतरिक मूल्यांकन केवल एक बार ही होंगे। इसका अर्थ यह है कि स्टूडेंट्स को 10वीं की दोनों बोर्ड परीक्षाओं के लिए अलग-अलग प्रायोगिक परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। इसे लेकर शिक्षकों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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अब सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित होंगी। यह निर्णय उचित है। बोर्ड परीक्षा का समय छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण दौर होता है। कई छात्र इस दौरान अत्यधिक तनाव और चिंता का अनुभव करते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। तनाव को कम करने और परीक्षा में अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए ये उपाय बेहतर है। -राहुल पंडया, शिक्षाविद्
छात्र अपने प्रदर्शन को सुधार सकेंगे
वर्ष में दो बार परीक्षा का निर्णय सही है। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक लचीली होगी, जिससे छात्र अपने प्रदर्शन को सुधारने का एक और मौका पा सकेंगे। यह कदम छात्रों के परीक्षा के डर को कम करेगा और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के अधिक अवसर देगा। छात्रों को अपनी गलतियों को सुधारने और तैयारी को और बेहतर करने का मौका मिलेगा। यदि एक बार परीक्षा में अच्छा न कर पाए, तो दूसरी बार बेहतर स्कोर लाने का विकल्प रहेगा। -राजेश गंधरा, शिक्षक उत्कृष्ट विद्यालय