महाशिवरात्रि पर वाराणसी और काशी रेलवे स्टेशनों पर विशेष तैयारियां, यात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार
प्राचीनता और मान्यता
लगभग 1000 वर्ष पुराना यह मंदिर गोमती नदी के तट पर स्थित है और लखनऊ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि भगवान लक्ष्मण ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी, जिससे उनकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण हुईं। इसी कारण इसे ‘मनकामेश्वर’ नाम से जाना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलदायी होती है।
भव्य आयोजन और विशेष पूजन
महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। सुबह 4 बजे मंगला आरती के साथ दिन की शुरुआत हुई, जिसके पश्चात भक्तों ने जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, और अन्य पूजन सामग्रियों से भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिर की महंत देव्यागिरि जी ने विशेष पूजा-अर्चना का नेतृत्व किया। भक्तों के लिए मंदिर के कपाट देर रात तक खुले रहे, ताकि अधिक से अधिक लोग दर्शन लाभ ले सकें।मौसम विभाग की चेतावनी: उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी से होगी बारिश, जानें पूरी अपडेट,IMD Alert
बधावा यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
महाशिवरात्रि से पूर्व, भगवान शिव के विवाह उत्सव के उपलक्ष्य में मंदिर से भव्य बधावा यात्रा निकाली गई। महंत देव्यागिरि जी के नेतृत्व में शिव भक्त महिलाओं ने भगवान के वस्त्र, मिठाई, फल, और श्रृंगार सामग्री के साथ इस यात्रा में भाग लिया। यात्रा मंदिर परिसर के आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरी और वापस मंदिर में संपन्न हुई। इस अवसर पर भक्तों ने भजन-कीर्तन और नृत्य के माध्यम से अपनी श्रद्धा प्रकट की।सुरक्षा और सुविधाएँ
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए, मंदिर प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए थे। पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, और स्वयंसेवकों की सहायता से भीड़ को नियंत्रित किया गया। भक्तों की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता, और विश्राम स्थल की व्यवस्था भी की गई थी।
भक्तों की आस्था और उत्साह
देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर भगवान शिव के दर्शन कर अपने को धन्य महसूस किया। भक्तों का कहना था कि मनकामेश्वर मंदिर में आकर उन्हें अपार शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। कई भक्तों ने व्रत रखा और रात्रि जागरण कर भगवान शिव की आराधना की।उत्तर प्रदेश में शराब और भांग की दुकानों के लिए 2 लाख आवेदन, सरकार को मिले 1066.33 करोड़ रुपये
भविष्य की योजनाएं
मंदिर प्रशासन ने आगामी समय में भक्तों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं में विस्तार करने की योजना बनाई है। इसमें डिजिटल दर्शन की सुविधा, ऑनलाइन पूजन बुकिंग, और मंदिर परिसर के विस्तार जैसे कार्य शामिल हैं।मनकामेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि का यह भव्य आयोजन न केवल लखनऊ बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और उत्साह का केंद्र बना। भगवान शिव की कृपा से सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हों, इसी कामना के साथ यह पर्व संपन्न हुआ।