scriptविधानसभा में गतिरोध पर मांफी मांगने के लिए तैयार डोटासरा, लेकिन रख दी बड़ी शर्त; बोले- बिना तथ्यों के दी प्रतिक्रिया | Govind Singh Dotasara ready to apologize for deadlock in assembly gave a statement for Speaker Vasudev Devnani | Patrika News
जयपुर

विधानसभा में गतिरोध पर मांफी मांगने के लिए तैयार डोटासरा, लेकिन रख दी बड़ी शर्त; बोले- बिना तथ्यों के दी प्रतिक्रिया

Deadlock in Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में गतिरोध 21 फरवरी से गतिरोध बना हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद लगातार जारी है।

जयपुरFeb 26, 2025 / 06:30 pm

Nirmal Pareek

Deadlock in Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में 21 फरवरी से गतिरोध बना हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद लगातार जारी है। इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पीकर वासुदेव देवनानी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई गीता पर हाथ रखकर यह साबित कर दे कि मेरी माफी की बात हुई थी, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

संबंधित खबरें

वहीं, बीते मंगलवार को विधानसभा में स्पीकर देवनानी भावुक हो गए और कहा कि जिस तरह की भाषा सदन में बोली गई, वह असहनीय है। क्योंकि डोटासरा पर आरोप है कि वो सदन में हंगामा करते हुए डायस की तरफ बढ़े और विधानसभा अध्यक्ष देवनानी को तथाकथित कुछ अपशब्द भी कहे।

डोटासरा बोले- देवनानी नेक इंसान

राजस्थान विधानसभा में गतिरोध को लेकर अपने ऊपर लगे आरोपों पर जवाब देते हुए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सदन के भीतर एवं सदन नहीं चलने के दौरान हुए संपूर्ण घटनाक्रम पर सदन में मेरे द्वारा प्रकट किए गए खेद के एक-एक शब्द की गवाह राजस्थान की जनता है।
लेकिन उसके बावजूद कल अध्यक्ष महोदय को एक समाचार पत्र में छपी कपोल-कल्पित ख़बर पर भावुक देखकर मन को कष्ट पहुंचा है। वासुदेव देवनानी जी अच्छे एवं नेक इंसान हैं लेकिन बिना तथ्यों को जाने एवं बिना दूसरे पक्ष की सुने अवास्तविक हवाई ख़बर पर यूं प्रतिक्रिया देंगे यह अपेक्षा से परे है। कहा- फिर भी उन्हें कष्ट पहुंचा है, तो मैं व्यक्तिगत तौर पर उनसे मिलकर खेद प्रकट करूंगा, लेकिन सवाल फिर भी मंत्री की माफी का बाकी रहेगा, जो समझौते में तय हुआ था और जिसका जिक्र स्वयं अध्यक्ष महोदय ने कल की कार्यवाही के दौरान किया था।

मंत्री गहलोत की माफी का उठाया मुद्दा

उन्होंने कहा कि सदन में उत्पन्न गतिरोध का कारण मंत्री अविनाश गहलोत की अशोभनीय टिप्पणी है, जो उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी जी के लिए की है। देश के लिए बलिदान देने वाली पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा जी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। 5 दिन बीतने के बाद भी न तो मंत्री की माफी हुई है और न ही अशोभनीय टिप्पणी को Expung किया गया है जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण और देश के महानायकों को अपमान है।

‘हम चाहते हैं कि गतिरोध टूटे’

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि हम चाहते हैं कि गतिरोध टूटे, पक्ष-विपक्ष मिलकर सदन चलाएं और प्रदेश की जनता के मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो। इसलिए पूरे घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जी, हमारे वरिष्ठ सदस्यों एवं स्वयं मेरे द्वारा खेद प्रकट किया जा चुका है। लेकिन इन सबके बावजूद क्या अध्यक्ष महोदय के लिए मंत्री से माफी मंगवाने और अपमानजनक टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाना क्या इतना बड़ा काम है? या अध्यक्ष महोदय सरकार के दबाव में यह कार्य करवा नहीं पा रहे हैं?

यहां देखें वीडियो-

क्या है विवाद की जड़?

21 फरवरी को विधानसभा में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने इंदिरा गांधी पर एक टिप्पणी की, जिसे कांग्रेस ने अपमानजनक बताया। इस बयान के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया और स्पीकर की टेबल तक पहुंच गए। इसके बाद स्पीकर ने कांग्रेस के छह विधायकों को निलंबित कर दिया, जिनमें गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन गैसावत, हाकम अली खान और संजय कुमार शामिल थे।

Hindi News / Jaipur / विधानसभा में गतिरोध पर मांफी मांगने के लिए तैयार डोटासरा, लेकिन रख दी बड़ी शर्त; बोले- बिना तथ्यों के दी प्रतिक्रिया

ट्रेंडिंग वीडियो