स्पीकर देवनानी ने कहा कि लोकसभा की तर्ज पर राजस्थान विधानसभा में भी अब जो विधायक स्पीकर की टेबल के सामने आकर हंगामा करेगा, वह अपने आप 5 दिन के लिए निलंबित माना जाएगा। इसके लिए अब कोई प्रस्ताव लाने की जरूरत नहीं होगी।
परेशान स्पीकर ने लिया बड़ा फैसला
दरअसल, बीते पांच दिनों से विधानसभा में लगातार हंगामा और गतिरोध देखने को मिल रहा था। इंदिरा गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और स्पीकर के आसन की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस पर स्पीकर ने कांग्रेस के छह विधायकों को निलंबित कर दिया था, लेकिन इस निलंबन को लेकर भी विवाद हुआ। अब इस तरह की स्थिति से बचने के लिए स्पीकर ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि सदन की गरिमा बनी रहे और कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके।
अब बिना चेतावनी के होगा निलंबन
स्पीकर द्वारा लागू नए नियमों के तहत कोई भी विधायक यदि स्पीकर की टेबल के सामने आकर हंगामा करेगा, तो उसे स्वतः ही 5 दिन के लिए निलंबित माना जाएगा। इसके लिए किसी प्रस्ताव की जरूरत नहीं होगी, यानी सदन की अनुमति लिए बिना ही स्पीकर यह कार्रवाई कर सकेंगे। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सत्ता पक्ष का समर्थन, विपक्ष की आपत्ति
बताते चलें कि भाजपा और सत्ता पक्ष ने इस नए नियम का समर्थन किया है, क्योंकि इससे सदन की कार्यवाही बाधित नहीं होगी और अनुशासन बना रहेगा। वहीं, कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इस नियम पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह फैसला विपक्ष की आवाज दबाने के लिए लिया गया है। पहले बिना चेतावनी के विधायकों को निलंबित किया गया और अब यह नया नियम बना दिया गया है। हम इस पर विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि अगर विपक्ष हंगामा न करे तो इस नियम की जरूरत ही न पड़े।
विधानसभा में पहले था ये नियम
गौरतलब है कि अब तक किसी भी विधायक को निलंबित करने के लिए सदन में प्रस्ताव लाना पड़ता था और इस पर बहस होती थी। लेकिन अब लोकसभा की तर्ज पर राजस्थान विधानसभा में भी यह प्रक्रिया बदल दी गई है। इस दौरान स्पीकर देवनानी ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना मेरी प्राथमिकता है। मैंने कभी पक्षपात नहीं किया और आगे भी निष्पक्ष रूप से काम करूंगा। अगर कोई आसन की मर्यादा तोड़ेगा, तो उसे स्वतः निलंबित मान लिया जाएगा।