डॉक्टरों की उपस्थिति पर कड़ी नजर
जिलाधिकारी ने सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की प्रतिदिन उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित ओपीडी और आईपीडी सेवाओं के लिए चिकित्सकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक है।
दवाओं की उपलब्धता चार्ट पर अपडेट करने के निर्देश
अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की जानकारी चार्ट पर समय-समय पर अपडेट नहीं की जाती है, जिससे मरीजों को असुविधा होती है। जिलाधिकारी ने सभी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता का विवरण चार्ट पर नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को आवश्यक दवाएं समय पर मिल सकें। बाहर से दवाएं लिखने पर होगी कार्यवाही
अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि डॉक्टर मरीजों को बाहर से दवाएं लिख देते हैं, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी चिकित्सक बाहर से दवाएं न लिखे; यदि ऐसा पाया गया, तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर नियमित जांच
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की उपस्थिति की मॉनिटरिंग की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन केंद्रों पर नियमित जांच और ओपीडी सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि मरीजों को समय पर जांच और दवाएं मिल सकें। टीबी उन्मूलन अभियान में तेजी लाने के निर्देश
100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने सभी सीएचओ और आशा कार्यकर्ताओं की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने और स्क्रीनिंग के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सीएचओ प्रोजेक्टिव आईडी बनाते हुए निक्षय पोर्टल पर नियमित डेटा फीड करें, ताकि टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाया जा सके।
मातृ और शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग
जिलाधिकारी ने मातृ और शिशु मृत्यु की रिपोर्टिंग में कमी पर चिंता जताई और शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मृत्यु के कारणों का पता लगाकर आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। टीकाकरण पर विशेष ध्यान
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे। जहां टीकाकरण के प्रति उदासीनता है, वहां लोगों को जागरूक करके शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए।
संस्थागत प्रसव पर विशेष नजर
संस्थागत प्रसव (इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी) के मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विकास खंडों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा अन्य सभी स्थानों पर बनाए गए डिलीवरी पॉइंट्स को सक्रिय किया जाए, ताकि मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया में तेजी
आभा आईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया में धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आभा आईडी कार्ड बनाने से मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, जॉइंट मजिस्ट्रेट काव्या सी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डी. के. श्रीवास्तव, डॉ. राजीव सिंह, डब्ल्यूएचओ के अधिकारी, सभी सीएचसी अधीक्षक, बीपीएम, आयुष्मान अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।