डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, वहां कार्य को अनावश्यक रूप से लंबा न खींचा जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि ग्राम पंचायतों में चारागाह, तालाब, व अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को तुरंत हटाया जाए।
चकबंदी कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने दरांवा और परसा गांवों में जल्द से जल्द चकबंदी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही भदरास, मवइया, रसूलपुर, कान्हीपुर, सहावर, बिजौली, डिंगरी, बच्छराजमऊ, लाही, बबुवापुर, ओदार, खुज्जी, जासेपुर, सलेमाबाद, महोलिया आदि गांवों में चकबंदी कार्य को शीघ्र पूरा करने को कहा। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चकमार्ग एवं अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर भी सख्त कदम उठाने को कहा। चकबंदी से जुड़े मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के आदेश
बैठक के दौरान डीएम शशांक त्रिपाठी ने चकबंदी से जुड़े मुकदमों की खराब निस्तारण स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि चकबंदी मुकदमों का शीघ्र निपटारा किया जाए और अधिकारियों को मेरिट के आधार पर जल्द फैसले लेने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि तारीख पर तारीख देकर अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी गांव में कोई विवादित मामला लंबित है तो उसे प्राथमिकता से सुलझाया जाए ताकि चकबंदी कार्यों में बाधा न आए।
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में उप संचालक चकबंदी (डीडीसी) आलोक कुमार श्रीवास्तव, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी (एसओसी) संजय कुमार विश्वास, चकबंदी व सहायक चकबंदी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों को चकबंदी कार्यों को पारदर्शिता और प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि जिले में भूमि सुधार की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके।
चकबंदी को लेकर प्रशासन की मुख्य प्राथमिकताएं
- चकबंदी कार्यों में तेजी लाना और लंबित मामलों का निस्तारण करना।
- सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के लिए सख्त कार्रवाई।
- भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाना और अवैध प्लॉटिंग रोकना।
- चकबंदी से जुड़े मुकदमों को जल्द से जल्द निपटाना।
- गांवों में चकबंदी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना।