किरण काले ने शिवसेना (यूबीटी) में शामिल होने के बाद कहा, “आज मैं बेहद खुश हूं, क्योंकि आज उसी मातोश्री में खड़ा हूं, जहां से बालासाहेब ठाकरे ने गर्जना की थी। जब कई लोग सत्ता के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं, तब हमने संघर्ष का रास्ता चुना है। किसी चुनावी लाभ के लिए नहीं जुड़ा हूं, बल्कि इस कठिन समय में उद्धव ठाकरे के साथ लड़ूंगा।”
अपने संबोधन में किरण काले ने हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हिंदुत्व को गलत तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हमने देखा कि शिवाजी जयंती की रैली में लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीरें लहराई गईं। यह हमें कतई स्वीकार नहीं। हम अहिल्यानगर में असली हिंदुत्व की मशाल जलाएंगे और इसे मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
शिवसेना (ठाकरे गुट) में शामिल होने के पीछे किसी तरह की नाराजगी नहीं होने की बात कहते हुए किरण काले ने कहा कि मैं किसी से नाराज नहीं हूं और न ही यह कदम नाराजगी में उठाया है। हमने इस चुनौतीपूर्ण समय में उद्धव ठाकरे के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया है। हम अहिल्यानगर में शिवसेना को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। महाराष्ट्र और पूरा देश जानता है कि असली हिंदुत्व मातोश्री में है। कुछ लोग नकली हिंदुत्व का मुखौटा पहनकर घूम रहे हैं, लेकिन हम उनकी सच्चाई सबके सामने लाएंगे।
उद्धव सेना को मिली राहत
गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा के बीच बीते कुछ समय में उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (यूबीटी) के 13 पूर्व पार्षद और 40 पदाधिकारी एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। दावा किया जा रहा है कि यह दलबदल अभी जारी रहेगा और आने वाले दिनों में उद्धव खेमे के कई नेता व पदाधिकारी शिंदे सेना व बीजेपी में शामिल होंगे। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष किरण काले का ठाकरे गुट में शामिल होना उद्धव ठाकरे के लिए बड़ी राहत है। इससे आगामी निकाय चुनाव में अहिल्यानगर का राजनीतिक समीकरण भी बदल सकता है। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष किरण काले का शिवसेना (यूबीटी) में शामिल होना उद्धव ठाकरे के लिए बड़ी राहत है। इसके अलावा आगामी निकाय चुनाव में अहिल्यानगर का राजनीतिक समीकरण भी बदल सकता है।