जिले में अभी 130317 लोगों ने ईकेवाईसी नहीं करवाई है, यानी अभी 87.72 फीसदी यूनिट की ही ईकेवाईसी पोर्टल पर दखाई जा रही है।
31 तक है अंतिम तिथि-
प्रदेश में समक्ष लोगों के नाम वापस लेने के बाद अब पात्र लोगों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 31 मार्च है,इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। वहीं प्रदेश में उचित मूल्य की 300 नई दुकानें खोलने के आदेश रसद विभाग द्वारा जारी किए गए हैं। वहीं, निरस्त हो चुकी दुकानों के स्थान पर छह माह में नई दुकानें भी शीघ्र खोली जाएंगी।
गिवअप अभियान से लोगों को होगा फायदा-
राजस्थान सरकार ने गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके लोगों द्वारा खाद्य सुरक्षा से स्वत: अपना नाम हटाने के लिए गिवअप अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत प्रदेशभर में अब तक 13 लाख 58 हजार 498 सक्षम लोग खाद्य सुरक्षा सूची से खुद अपना नाम हटवा चुके हैं। गिवअप अभियान 28 फरवरी तक जारी रहा। अपना नाम हटवाने से राज्य सरकार और अधिक पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ दे पाएगी। जनवरी में शुरू हो गया था पोर्टल सरकार ने लंबे समय से खाद्य सुरक्षा योजना में नाम नहीं जुड़ पा रहे पात्र लोगों की परेशानी को देखते हुए 26 जनवरी से खाद्य सुरक्षा योजना का पोर्टल खोलने का निर्णय किया था। खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग ने आदेश जारी किए थे। इस संबंध में प्रदेश में करीब 10 लाख आवेदन नए जोडऩे को लेकर बात कही गई थी।
प्रति व्यक्ति इतना खाद्यान मिलता है-
साल 2013 में शुरू हुई राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत निम्न आय वर्ग के परिवार को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न सुनिश्चित करवाने हेतु लागू किया गया था। जहां एक व्यक्ति को 5 किलोग्राम प्रति महीना खाद्यान्न दिया जाता है। खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ राजस्थान के व्यक्तियों को राशन कार्ड से मिलता है।
हाड़ौती की ये है स्थिति-
कं्रमांक जिला आवेदन प्रोसेस आवेदन 11 बूंदी 242 143 22 कोटा 775 719 27 बांरा 782 751 31 झालावाड़ 326 320
ईकेवाईसी में हाड़ौती की ये स्थिति-
जिला पेडिंग यूनिट प्रतिशत बून्दी 70367 90.63 कोटा 85613 90.58 झालावाड़ 130317 87.72 बारां 137474 84.95 31 मार्च तक हटाना –
ईकेवाईसी करवाने की अंतिम तिथि 31 मार्च ही है। वहां तक नाम नहीं हटाने पर जो पात्र नहीं है उनके स्थाई रूप से नाम हट जाएंगे। गिवअप में जिन लोगों ने मोबाइल से आवेदन किया है उनकी संख्या 320 है, कई लोगों ने डीलर के यहां भी किया है, दोनों के मिलाकर एक हजार से अधिक लोगों ने राशन छोड़ा है।
देवराज रवि, जिला रसद अधिकारी, झालावाड़।