1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि इस बार 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी बारीकी से जांच के बाद 251 बेटियों को विवाह के लिए चयनित किया गया है। इन बेटियों का चयन विभिन्न मानदंडों के आधार पर किया गया है। एक महीने की मेहनत से 60 लोगों की टीम ने गांव-गांव जाकर इन बेटियों की पहचान की और सर्वे के बाद सूची तैयार की। इस चयन में वे बेटियां भी शामिल हैं जो अनाथ हैं, माता-पिता के बिना हैं, या जिनके परिवार में कोई गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। कई बेटियां दिव्यांग भी हैं, जबकि 87 बेटियां ऐसे अत्यंत गरीब परिवारों से हैं जहां के माता-पिता कामकाजी स्थिति में नहीं हैं या किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त हैं। इन बेटियों के लिए बागेश्वर धाम का यह आयोजन उम्मीद की एक किरण है, जो उनके जीवन में खुशियों की नई शुरुआत करेगा।नौ राज्यों से चयनित 251 बेटियां
इस विशाल आयोजन में बेटियों का चयन केवल छतरपुर या मध्य प्रदेश से ही नहीं हुआ, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आवेदन आए थे। कुल नौ राज्यों से बेटियों का चयन किया गया है। इनमें मध्य प्रदेश से 209 बेटियां हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से भी बेटियां चुनी गई हैं।