यूक्रेन में ही NATO बनाएंगे ज़ेलेंस्की, रूस-अमेरिका पर तमतमाए यूक्रेनी राष्ट्रपति ये क्या करने जा रहे हैं?
Volodymyr Zelenskyy: यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि देश में नाटो बनाने के मतलब है कि यूक्रेन और सैन्य तौर पर ज्यादा से ज्यादा मजबूत करना है और यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करनी है।
Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को 24 फरवरी को 3 साल पूरे हो गए हैं। अब इस युद्ध को खत्म कराने के लिए शांतिवार्ता चल रही है। युद्ध की तीसरी साल पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने एक बडा़ ऐलान कर दिया है। ज़ेलेंस्की ने कहा है कि अगर यूक्रेन NATO में शामिल नहीं हुआ तो वो यूक्रेन में ही नाटो का निर्माण कर लेंगे। ज़ेलेंस्की ने ये बयान तब दिया है जब रूस और अमेरिका (Russia-US Meeting on War) के बीच अगले सप्ताह युद्ध को लेकर शांतिवार्ता का दूसरी बैठक होने वाली है।
रूसी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक इस बैठक से पहले ही ज़ेलेंस्की ने दुनिया के देशों से ये भावुक अपील की है और NATO में यूक्रेन को शामिल करने के रुख एक बार सोचने को कहा है। गौर करने वाली बात ये है कि ये बात उन्होंने तब कही है जब उन्होंने इस बात का संकेत दिया है कि अगर कीव को नाटो गठबंधन में शामिल किया जाता है तो वे यूक्रेन के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
NATO is the most cost-effective option for preventing another war. It is the simplest and most logical solution.
If Ukraine does not join NATO, we will have to create NATO within Ukraine, which means maintaining an army strong enough to repel aggression, financing it, producing…
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) February 23, 2025
यूक्रेन को ज्यादा से ज्यादा होना होगा मजबूत
इस बात का जिक्र करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति(Volodymyr Zelenskyy) ने कहा है कि NATO एक और युद्ध को रोकने के लिए सबसे किफ़ायती विकल्प है। अगर यूक्रेन NATO में शामिल नहीं होता है, तो हमें यूक्रेन के भीतर NATO बनाना होगा। ज़ेलेंस्की ने इस टर्म का मतलब बताते हुए कहा कि यूक्रेन में नाटो बनाने का मतलब है कि आक्रमण को रोकने के लिए पर्याप्त मज़बूत सेना, खुद के हथियारों का उत्पादन, भंडारण करना। इसके अलावा रूस के एक और युद्ध शुरू करने से रोकने के लिए अपने भागीदारों के साथ बातचीत करना।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ज़ेलेंस्की ने कहा कि युद्धविराम समझौते तक पहुंचने के लिए अमेरिका का साथ जरूरी है। हम सभी शांति चाहते हैं। हम एक ऐसा आर्थिक सौदा चाहते हैं जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी दे।
रियाद में बैठक के बाद अगले सप्ताह अब दूसरी मीटिंग
रिपोर्ट के मुताबिक अगल सप्ताह रूस और अमेरिका के राजनयिकों के बीच शांतिवार्ता के लिए बैठक संभव है। इससे पहले सऊदी अरब के रियाद में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद ही ट्रंप ने ज़ेलेंस्की को तानाशाह करार दिया था और यूक्रेन को ही इस युद्ध का जिम्मेदार बता दिया था हालांकि बीते दिन अमेरिका ने इस बयान से यू-टर्न लेते हुए कहा था कि यूक्रेन पर पहले रूस ने ही हमला किया था।