भारत को हो सकता है फायदा
अमेरिका और रूस के संबंधों में सुधार से भारत को फायदा हो सकता है। पढ़कर मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि ऐसा कैसे होगा? आइए जानते हैं।
◙ ग्लोबल मामलों में वेस्ट का दबाव होगा काफी कम
रूस और अमेरिका के संबंधों में सुधार से ग्लोबल मामलों में भारत पर पड़ने वाला वेस्ट का दबाव कम होगा। रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के दौरान भारत ने कभी भी रूस की निंदा नहीं की। यूएन में भी भारत ने हमेशा ही रूस के खिलाफ वोटिंग से इनकार किया। ऐसे में अक्सर ही वेस्ट के देशों ने भारत पर दबाव भी बनाया, लेकिन भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के अनुसार ही काम किया। अक्सर ही इस तरह के ग्लोबल मामलों में भारत जहाँ अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के अनुसार चलता है, तो वेस्ट के देश दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। रूस और अमेरिका के संबंधों में सुधार से यह दबाव काफी कम होगा।
◙ भारतीय सैन्य शक्ति होगी और मज़बूत
रूस और अमेरिका के संबंधों में सुधार से भारतीय सैन्य शक्ति और मज़बूत होगी। डिफेंस सेक्टर में रूस और अमेरिका, दोनों ही भारत के अहम पार्टनर्स हैं। पहले रूस और अमेरिका में 36 का आंकड़ा होने से दोनों ही भारत पर दूसरे से हथियार न खरीदने की उम्मीद रखते थे। लेकिन अब रूस और अमेरिका के बीच संबंधों में सुधार से भारत की दोनों देशों से डिफेंस डील में कोई अड़चन नहीं आएगी, जिससे भारतीय सैन्य शक्ति और मज़बूत होगी।
◙ दोनों देशों से भारत का व्यापार और हो सकता है मज़बूत
रूस और अमेरिका के संबंधों में सुधार से भारत का दोनों देशों से व्यापार और मज़बूत होगा। भारत की दोनों देशों से अच्छी ट्रेड डील है। रूस और अमेरिका, दोनों ही जानते हैं कि भारत से अच्छे व्यापारिक संबंध उनके लिए भी फायदेमंद हैं। ऐसे में रूस और अमेरिका भी चाहेंगे कि उनके और भारत के बीच व्यापार और ज़्यादा हो। इससे भारत को भी काफी फायदा होगा।