सियासी दलों से कहा आपस में ना लड़ें
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान ने बीते मंगलवार को राजनेताओं को आपस में लड़ने के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ये अंदरूनी लड़ाई देश की संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा है। वकर ने ये बयान 2009 में पिलखाना हत्याकांड में शहीद सैन्य अधिकारियों की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। वकर ने कहा कि “मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं। आप बाद में यह नहीं कह सकते कि मैंने आपको चेतावनी नहीं दी थी।” वकर ने आगे कहा कि पिछले 7-8 महीनों में मैंने बहुत कुछ झेला है। मैं आपको पहले से चेतावनी दे रहा हूं, ताकि आप कल यह न कहें कि मैंने आपको नहीं बताया। जनरल वकर ने कहा कि बांग्लादेश अराजक स्थिति से गुजर रहा है और अपराधी इसका फायदा उठा रहे हैं।
‘मतभेदों को भुलाकर आदे बढ़ें’
वकर ने बांग्लादेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की वजह राजनीतिक दलों को ही करार दिया। उन्होंने कहा कि सब लोग लड़ने में बिजी हैं, एक दूसरे को गुस्सा दिलाने में व्यस्त हैं। हालांकि वकर ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आप इन मतभेदों के साथ आगे नहीं बढ़ सकते तो देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता खतरे में पड़ जाएगी। वकर ने कहा है कि ‘मैं देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए संभावित ख़तरा देख सकता हूं। मेरी कोई और महत्वाकांक्षा नहीं है, लेकिन मैं देश को सुरक्षित हाथों में देखना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि देश में स्थिरता आने पर सेना बैरकों में लौट जाएगी।
क्या मोहम्मद यूनुस का है कोई इशारा?
माना जा रहा है कि बांग्लादेश के सेनाध्यक्ष का ये बयान अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस का ही एक इशारा है। क्योंकि वर्तमान में जो बांग्लादेश के सियासी हालात है वो यूनुस के खिलाफ हो चले हैं। BNP नेता की हत्या से तिलमिलाई इस पार्टी ने अन्याय ना सहने की चेतावनी दे दी है वहीं ज़मात-ए-इस्लामी भी बांग्लादेश में जल्द से जल्द चुनाव कराने के लिए मोहम्मद यूनुस पर दबाव बना रही है।