‘सीमा पर निर्दोष किसानों-नाबालिगों की हत्या कर रही BSF’…भारत के खिलाफ झूठ फैला रहा बांग्लादेशी मीडिया
Bangladesh report against India: दो दिन पहले ही विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने बांग्लादेश से साफ-साफ कह दिया था कि वो तय कर ले कि उसे भारत के साथ कैसे संबंध चाहिए।
Bangladesh on BSF: शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़कर भारत में शरण लेने के बाद से भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध काफी विवादित हो गए हैं। हिंदुओं पर अत्याचार के मामलों (Violence against Hindu in Bangaldesh) से पहले ही दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो चुके हैं तो अब सीमा विवाद ने इसे और ज्यादा बढ़ा दिया। हालांकि इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच 17 से 20 फरवरी तक महानिदेशक स्तर की सैन्य बैठक हुए थी जिसमें सीमा विवाद (India Bangladesh Border Dispute) के सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। लेकिन अब फिर बांग्लादेश भारत के सीमा सुरक्षा बल यानी BSF पर आरोप लगाकर खबरें फैला रहा है। बांग्लादेश की मीडिया ये रिपोर्ट छाप रही है कि भारत और बांग्लादेश बॉर्डर पर BSF जवान बांग्लादेश के निर्दोष किसानों और नाबालिगों की हत्या कर रहे हैं।
बांग्लादेशी अखबार ढाका ट्रिब्यून ने एक स्तंभकार का लेख छापा है। जिसमें भारत और बांग्लादेश सीमा पर BSF का कार्रवाईयों को बताया गया है। इस रिपोर्ट में BSF पर आरोप लगाया गया है कि सीमा पर BSF के जवान बांग्लादेश के कई लोगों की बिना कोई सवाल किए हत्या कर देते हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या किसानों और नाबालिगों की है। इतना ही नहीं रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि बांग्लादेश-भारत सीमा दुनिया का सबसे खतरनाक बॉर्डर बन चुका है। BSF के जवान बांग्लादेशी लोगों को परेशान करते हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस महीने की शुरूआत में BSF के कुछ जवान कथित बांग्लादेश के हिस्से में घुस गए थे और स्थानीय लोगों के साथ मारपीट तक कर ली थी। इसके बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर माफी भी मांगी थी।
सिर्फ इतना ही नहीं, इस रिपोर्ट ने ये भी लिखा है कि भारत के असम में कुछ जातीय समूहों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को खाद्य मुद्रास्फीति के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। लेख में भारत को सबसे बड़ा पापी तक बताया गया है।
‘भारत को मौतों से कोई फर्क नहीं पड़ता’
इस लेख में बांग्लादेशी अधिकार संगठन अधिकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि 2010 से 2023 के बीच सीमा पर मारे गए लगभग 1,300 बांग्लादेशियों और लगभग 1,200 घायलों की लिस्ट बनी है। मीडिया ने बताया कि कैसे 2017 में नेपाल के साथ भारत की सीमा पर एक नेपाली नागरिक की मौत ने द्विपक्षीय संकट को जन्म दिया। वहीं बांग्लादेश सीमा पर मरने वाले लोगों की संख्या से भारत को जरा भी चिंता नहीं होती।
बांग्लादेशी मीडिया की ये रिपोर्ट भारत के बारे में झूठे तथ्य पेश कर एक बार फिर भारत विरोधी ऐजेंडे को गढ़ने की कोशिश कर रही है। जबकि दो दिन पहले ही भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar on Bangladesh) ने भी बांग्लादेश को टूक सुनाकर कह दिया था कि बांग्लादेश फैसला ले ले कि उसे भारत के साथ किस तरह के संबंध रखने हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सुना दी थी टूक
एस जयशंकर ने बांग्लादेश के CA (मुख्य सलाहकार) मोहम्मद यूनुस को आड़े हाथ लेते हुए कहा था कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में कोई न कोई, हर दिन, हर चीज़ के लिए भारत को दोषी ठहराता रहता है। ये सही नहीं है और काफी हास्यास्पद भी है। एस जयशंकर ने कहा कि एक तरह बांग्लादेश कहता है कि वो भारत से अच्छे संबंध चाहता है और फिर वो हर चीज़ के लिए भारत को दोषी भी ठहराते हैं, जो गलत है।
बता दें कि 17 फरवरी से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में BSF और BGB (बॉर्डर गार्ड ऑफ बांग्लादेश) के बीच महानिदेशक स्तर की बातचीत हुई थी। इस बैठक में सीमा पर झड़प की संख्याओं को कम करने पर सहमति बनी थी साथ ही दोनों पक्ष सीमा के संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त गश्त बढ़ाने पर सहमत हुए थे।