ज्ञानवापी विवाद पर बोला वकील पक्ष
वकील विष्णुशंकर ने कहा कि मां से प्रार्थना है कि केस हम ही जीतें। मंत्र पढ़कर मां की विधिवत आराधना की गई। 12 बजे तक भक्तों ने मंदिर में पूजन अर्चन किया।
इसके पहले ज्ञानवापी मुक्ति परिषद के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का जत्था गंगा से जल ले कर निकला था। सारे भक्त मस्ती में झूमते गेट और हर हर महादेव के नारे लगाते हुए चल रहे थे। हिंदू पक्ष की ओर से ज्ञानवापी केस लड़ रहे एडवोकेट विष्णुशंकर जैन ने कहा- हमारी मां से यही कामना है कि ज्ञानवापी में जो अष्ट मंडल का मंदिर था वो भव्य रूप से दोबारा स्थापित हो। बाबा के शिवलिंग पर जो वजू हो रहा था, उसकी ASI जांच हो। वहां पर हमें पूजा का अधिकार मिले। मां श्रृंगार गौरी के मूल स्थान पर पूजा का अधिकार मिले, कोर्ट में विजय हो।
बता दें कि 1992 तक मां श्रृंगार गौरी का नियमित दर्शन-पूजा कर सकते थे। 1991 में अयोध्या बाबरी विध्वंस के बाद सुरक्षा के तहत नियमित दर्शन पर रोक लगा दी गई। साल में एक दिन चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दर्शन के लिए खोला जाने लगा। 18 अगस्त 2021 को 5 महिलाओं ने वाराणसी कोर्ट में नियमित पूजा को लेकर वाद दायर किया। अभी केस चल रहा है।