CG News: डाइट का ख्याल ही नहीं
हर साल टेंडर की प्रक्रिया नहीं होने से वर्तमान में भोजन व्यवस्था देखने वाला ठेकेदार अपनी मनमानी पर अड़े हैं, जैसा चाहे वैसा
भोजन मरीजों का परोसा जा रहा है। कहीं पर भी मेनू चार्ट नहीं लगाया गया है। भोजन संचालन में चल रही मनमानी पर अस्पताल प्रबंधन भी निगरानी नहीं कर रहा। मरीजों को किस दिन क्या मिलना है? इस संबंध में उन्हें जानकारी भी नहीं होती।
अस्पताल में भोजन टेंडर की प्रक्रिया प्रदेश स्तर पर होती है। अभी टेंडर प्रक्रिया नहीं की जा रही है, पुन: उसी समूह को अतिरिक्त समय दिया जाएगा। भोजन व्यवस्था पर पूरी निगरानी रखी जाती है। कहीं कोई शिकायत नहीं मिली है।
पौष्टिक आहार देना है
भोजन में कोई क्वालिटी नहीं होती, जो सब्जी बाजार में सस्ती मिलती है, उसे ही हर दूसरे दिन बनाकर परोस दिया जाता है। इस तरह अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों के
स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। दवा के साथ-साथ संतुलित मात्रा में पौष्टिक आहार की भी आवश्यकता होती है, जिसे शासन स्तर पर मरीजों को नि:शुल्क देना है।
डाइटिशियन भी नहीं
हॉस्पिटल में एक भी डाइटिशियन यानी आहार विशेषज्ञ नहीं है, जो डिलीविजेस पर कार्य कर रही थीं, वह भी 3 महीने पहले छोड़कर चली गई हैं। हॉस्पिटल में कई प्रकार के मरीज रहते हैं, जिन्हें अलग-अलग तरह की बीमारियां होती है, उसके मुताबिक उन्हें भोजन मिलना चाहिए। एक ही प्रकार का भोजन परोस रहे।