विदेशियों की सूचना देना अनिवार्य
नए कानून में होटलों, विश्वविद्यालयों, अन्य शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और नर्सिंग होम की ओर से विदेशियों के बारे में सूचना देना अनिवार्य करने का भी प्रावधान है ताकि निर्धारित अवधि से अधिक समय तक ठहरने वाले विदेशियों पर नजर रखी जा सके।
फर्जी पासपोर्ट या वीजा पर 10 लाख तक का जुर्माना
विधेयक में प्रमुख प्रावधान यह है कि अगर कोई व्यक्ति भारत में प्रवेश करने, देश में रहने या देश से बाहर जाने के लिए जाली पासपोर्ट या वीजा का उपयोग करता पाया गया तो उसे 7 वर्ष तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक 98.40 लाख विदेशी भारत आए।
ये चार कानून किए जाएंगे निरस्त
आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025 को मंजूरी देना और इसे कानूनी जामा पहनाने का उद्देश्य विदेशियों और आव्रजन से संबंधित सभी मामलों को व्यापक रूप से नियंत्रित करना है। अभी तक में इन मामलों को चार मौजूदा कानूनों के माध्यम से संचालित किया जाता है- 1. पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920, 2. विदेशियों का पंजीकरण अधिनियम 1939, 3. विदेशियों का अधिनियम 1946 और 4. आव्रजन (वाहक दायित्व) अधिनियम 2000। विधेयक में इन सभी कानूनों को निरस्त करने का प्रस्ताव रखा गया था।