script2027 तक भारत देख रहा पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का सपना, इतना अमेरीकियों ने दो दिन में गवाएं | There is chaos in the world economies after the announcement of reciprocal tariffs by US President Donald Trump. China has been hit the hardest by this additional tax, popularly known as 'Trump Tariff'. In response, China also announced on Friday to impose an additional 34 percent tariff on American goods from April 10, which threatens to completely flare up the trade war. Earlier, Canada also announced a 25 percent tariff on American vehicles. France has also stopped its investments in America. Global investment bank JP Morgan said that now there is a 60 percent risk of the global economy going into recession by the end of 2025, which was 40 percent earlier. This fear wreaked havoc in stock markets around the world on Friday. The global stock market witnessed the biggest decline since 2020. Due to the fear of global recession, all Asian markets including America and Europe collapsed for the second consecutive day. The biggest hit has been on the American and European stock markets, which have fallen by up to 10 percent in two days. On Friday, European markets fell by more than three percent. Whereas the American market Nasdaq fell by more than five percent. In India, Sensex-Nifty also fell by more than one percent. | Patrika News
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2027 तक भारत देख रहा पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का सपना, इतना अमेरीकियों ने दो दिन में गवाएं

सबसे अधिक मार अमरीकी और यूरोपीय शेयर बाजारों पर पड़ी है, जो दो दिन में 10 फीसदी तक टूट चुके हैं।

भारतApr 05, 2025 / 08:16 am

Anish Shekhar

अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल (पारस्परिक) टैरिफ की घोषणा के बाद विश्व की अर्थव्यवस्थाओं में खलबली है। ‘ट्रंप टैरिफ’ के नाम से चर्चित इस अतिरिक्त टैक्स की सबसे ज्यादा मार चीन पर पड़ी है। इसके जवाब में चीन ने भी शुक्रवार को अमरीकी सामान पर 10 अप्रेल से अतिरिक्त 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान, जिससे व्यापार युद्ध पूरी तरह से भड़कने का खतरा है। इससे पहले कनाडा ने भी अमरीकी वाहनों पर 25 फीसदी टैरिफ की घोषणा की थी।

2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट

फ्रांस ने भी अपने अमरीका में निवेश रोक दिए हैं।वैश्विक निवेश बैंक जेपी मॉर्गन ने कहा कि अब 2025 के अंत तक वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने का खतरा 60 फीसदी देखा जा रहा है, जो पहले 40 फीसदी था। इस आशंका ने शुक्रवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में कहर बरपा दिया। ग्लोबल शेयर बाजार में 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। ग्लोबल मंदी की आशंका से अमरीका-यूरोप सहित तमाम एशियाई बाजार लगातार दूसरे दिन धराशायी हो गए। सबसे अधिक मार अमरीकी और यूरोपीय शेयर बाजारों पर पड़ी है, जो दो दिन में 10 फीसदी तक टूट चुके हैं। शुक्रवार को यूरोपीय बाजारों में तीन फीसदी से अधिक गिरावट आई। वहीं अमरीकी बाजार नैस्डैक पांच फीसदी से अधिक गिरा। भारत में सेंसेक्स-निफ्टी भी एक प्रतिशत से अधिक गिरे।
भारत 2027-28 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का सपना देख रहा है, इतनी राशि अमरीकी निवेशकों ने दो दिन में ही गंवा दिए हैं। गुरुवार को अमरीकी शेयर बाजार करीब पांच फीसदी टूटे थे, वहीं शुक्रवार को नैस्डैक में पांच फीसदी से अधिक गिरावट आई, जिससे अमरीकी शेयर बाजार के निवेशकों के पांच ट्रिलियन डॉलर से अधिक डूब गए।

विकास पर पड़ेगा असरः डब्ल्यूटीओ

  • डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक नगोजी ओकोन्जो इवेला ने कहा कि अमरीका के अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने से वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास की संभावनाओं पर बड़ा असर पड़ेगा।
  • इवेला ने कहा कि वर्ष 2025 में वैश्विक माल व्यापार की मात्रा में लगभग एक प्रतिशत की कमी हो सकती है, जो पिछले पूर्वानुमानों से लगभग 4 प्रतिशत की कमी है।
  • बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) की रिपोर्ट के अनुसार, अगर माना जाए कि अमरीका को भारत के निर्यात में 10 फीसदी की गिरावट आती है तो भारत की जीडीपी वृद्धि पर करीब 0.2 प्रतिशत असर पड़ेगा।
  • भारत घरेलू-उन्मुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जिसमें कुल जीडीपी में खपत का हिस्सा 60 प्रतिशत है। दूसरी ओर, वित्त वर्ष 2024 में जीडीपी में व्यापारिक निर्यात का हिस्सा केवल 12 प्रतिशत रहा।

फॉर्मा सेक्टर पर भी लगेगा टैरिफः ट्रंप

राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार (अमेरिकी समय) को कहा विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ को लेकर उस दुविधा को खत्म कर दिया, जो उनकी घोषणा और दस्तावेजों में अंतर के कारण पैदा हो गए थे। ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए टैरिफ को ही सही बताया, जिसके अनुसार भारतीय समान पर औसतन 26 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। हालांकि ट्रंप ने फार्मा सेक्टर की रियायत देने की संभावना को खारिज किया और कहा कि उस पर भी टैरिफ लगाने पर विचार किया जा रहा है। इसके बाद भारतीय फॉर्मा सेक्टर के शेयर तेजी से गिर गए। ट्रंप टैरिफ से भारत में जिन क्षेत्रों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है, उनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, कीमती स्टोन और मशीनरी के अलावा रेडीमेड गारमेंट्स शामिल हैं।

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