रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरखमालू का कहना है कि डॉलर की लगातार बढ़ रही कीमतों और विश्वस्तर पर बढ़ी रही डिमांड के कारण सोना-चांदी की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। वहीं अमेरिका द्वारा विश्व के सभी देशों पर टैरिफ लगाए जाने के कारण भी टैरिफ लगाए जाने के कारण भी असर पड़ा है। टैरिफ वार के चलते सुरक्षित निवेश के कारण भी डिमांड लगातार बढ़ रही है।
दिवाली में सबसे उच्च स्तर
दिवाली त्योहार के पहले सोना हर साल अपने उच्चस्तर पर रहता है। पिछले 10 साल में इसकी कीमतों में साढ़े तीन गुना इजाफा हुआ है। जहां 2015 में इसकी कीमत 26343 रुपए थी। वहीं 2020 में 48651 रुपए और इस समय 94000 रुपए तक पहुंच गया है। इसी तरह चांदी की कीमतों में पिछले 5 साल में लगातार इजाफा हुआ है। सोने-चांदी की किमत
सोना जीएसटी सहित 94000
चांदी जीएसटी सहित 102500
22 कैरेट 86500
सोना की कीमत जनवरी में थी 84 हजार
सोना की कीमत जनवरी 2025 में 84,000 रुपए थी। अभी इसकी कीमत 94000 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। सराफा कारोबारियों का कहना है अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के साथ ही अप्रैल में अक्षय तृतीया के पहले इसकी कीमतें और बढ़ सकती है। चांदी की कीमतों में भी इसका असर साफ दिख रहा है।
सोना हर भाव में सस्ता
सोना खरीदना हर भाव में सस्ता है। इसकी कीमत लगातार घरेलू बाजार के साथ ही अंतराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। इसे देखते हुए इसके 1 लाख रुपए तक पहुंचने की संभावना है। – सुरेश भंसाली, रायपुर सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष