आखिरकार TDP और JDU के दबाव में सरकार को बदलना पड़ा विधेयक में ये नियम, जानें कैसा है वक्फ बिल का स्वरूप
Waqf Bill: विधेयक पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में दिल्ली वक्फ बोर्ड ने संसद भवन को भी वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया था। यूपीए सरकार ने इसे डिनोटिफाई भी कर दिया था। अगर देश में मोदी सरकार नहीं होती तो आज जिस जगह हम बैठे हैं, वह भी वक्फ की होती। पढ़िए शादाब अहमद की खास रिपोर्ट…
Waqf Bill: देश का सत्ता पक्ष एनडीए हो या फिर विपक्षी इंडिया ब्लॉक, दोनों ही वक्फ के सहारे मुसलमानों के समर्थन की उम्मीद में है। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक-2025 पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में रात तक तीखी तकरार देखने को मिली। गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा कि हमने वक्फ से छेड़खानी नहीं की है। वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद के लिए संशोधन किया है। वक्फ बोर्ड को धार्मिक क्रियाकलाप नहीं करना है, बल्कि इसका कार्य प्रशासनिक है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इनको न पिछड़ों की चिंता है न मुसलमानों की। ये वर्षों से जातिवाद और तुष्टीकरण के आधार पर काम करते आए हैं।
वक्फ संपत्ति विवाद का सर्वे कराने का अधिकार पुराने विधेयक में जिला कलक्टर को दिया गया था, लेकिन टीडीपी और जेडीयू के दबाव में इसे बदलना पड़ा। संशोधित विधेयक में जिला कलक्टर के ऊपर के अधिकारी को यह शक्ति दी गई है। इसके अलावा यह विधेयक पुरानी वक्फ संपत्तियों पर लागू नहीं होगा। इसी तरह विधेयक में वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमियों पर कार्रवाई पर जोर दिया गया है।
कांग्रेस ने बताया संघ परिवार को एजेंडा
दूसरी ओर कांग्रेस के संगठन महासचिव व सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि आज आप मुस्लिम समुदाय पर हमला कर रहे हो, कल आप ईसाई और परसों सिख के खिलाफ होंगे। संघ परिवार का स्पष्ट एजेंडा है कि अल्पसंख्यकों को खत्म कर दो। इससे पहले, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोपहर में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा की शुरुआत की। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक रखते हुए इसका नाम एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तीकरण, दक्षता और विकास (उम्मीद) करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये चाहते हैं कि इनके राज में जो मिलीभगत चली, वह चलती रहे। हम तो कह रहे हैं कि ‘वक्फ’ वही कर सकता है जो इस्लामिक प्रैक्टिसिंग वाला होगा। वक्फ धार्मिक हुआ, वक्फ बोर्ड नहीं। चैरिटी कमिश्नर को ट्रस्ट नहीं चलाना है, उसको केवल ये देखरेख करना होता है कि ट्रस्ट सही ढंग से चल रहा है कि नहीं। सारे ट्रस्ट के चैरिटी कमिश्नर अलग-अलग होंगे क्या? इससे तो देश टूट जाएगा। यूपीए की तत्कालीन सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले 2013 में संशोधन किया, उसके चलते आज ये संशोधन लाने की नौबत आई। कांग्रेस सरकार ने दिल्ली लूटियंस की 125 संपत्तियां वक्फ को दे दी। उत्तर रेलवे की जमीन वक्फ को दे दी। हिमाचल में वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम हुआ। उन्होंने तमिलनाडु से कर्नाटक तक के उदाहरण दिए।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में वक्फ की जमीनों को लेकर घोटाले हुए हैं। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हमें हमारे नेता पर गर्व है। ठाकुर ने आधारहीन आरोप लगाकर दलित खरगे का अपमान किया है। हंगामे के चलते ठाकुर के आरोपों को कार्यवाही से हटा दिया गया।
रिजिजू और गोगोई में नोकझोंक
विधेयक पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में दिल्ली वक्फ बोर्ड ने संसद भवन को भी वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया था। यूपीए सरकार ने इसे डिनोटिफाई भी कर दिया था। अगर देश में मोदी सरकार नहीं होती तो आज जिस जगह हम बैठे हैं, वह भी वक्फ की होती। लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि रिजिजू झूठ बोल रहे हैं, उनके अपनी बात का प्रमाण देना चाहिए। आज ये अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदना जता रहे हैं, जबकि इनकी डबल इंजन सरकारों ने लोगों को नमाज तक नहीं पढ़ने दिया।
1) अमित शाहः गृहमंत्री ने कहा कि मुस्लिमों को विश्वास दिलाते हैं कि वक्फ में कोई गैर मुस्लिम नहीं आएगा, लेकिन वक्फ बोर्ड में जो संपत्तियां बेच खाने वाले, सौ-सौ साल के लिए औने-पौने दाम पर किराए पर देने वाले लोग है, वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद उन्हें पकड़ने का काम करेगा।
2) ललन सिंहः पंचायती राज मंत्री ने कहा कि यह विधेयक मुसलमान विरोधी नहीं है। हम वक्फ की आमदनी सही मायने में मुसलमानों के लिए खर्च हो, इस पर नजर रखने के लिए बिल में संशोधन लेकर आए हैं। यह विधेयक पसमांदा मुसलमान, निचले तबके और निम्न वर्ग के मुसलमानों को अधिकार मिलेंगे।
3) कृष्णा प्रसाद तेन्नेटीः टीडीपी के सांसद ने कहा कि वक्फ संपत्ति को मुस्लिमों के हर वर्ग विशेषरूप से युवाओं और महिलाओं के कल्याण में लगाया जाना चाहिए। वक्फ के पास 1.2 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति और लाखों एकड़ जमीन है, जिससे सामाजिक और आर्थिक बदलाव में मदद मिल सकती है।
4) अरुण भारतीः एलजेपी (रामविलास) सांसद ने कहा कि विधेयक पर विपक्ष केवल धार्मिक पक्ष को लेकर विरोध दर्ज कराता रहा है, जबकि इसके सामाजिक और आर्थिक पक्ष पर बहस नहीं हो पाती। ऐसा इसलिए क्योंकि धार्मिक पक्ष पर विपक्ष मुस्लिम समाज को भड़का कर अपना वोटबैंक बनाए रखना चाहता है।
धर्म के नाम पर भारत विभाजन का एजेंडाः केसी
1) केसी वेणुगोपालः कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार का केवल एक एजेंडा है, धर्म के नाम पर भारत माता का विभाजन करना। वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्य लेकर आ रहे हैं। किसी भी मंदिर में मुस्लिम या ईसाई सदस्य को वोटिंग का अधिकार नहीं है। सरकार ने संसद में एंग्लो इंडियन के प्रतिनिधित्व खत्म किया।
2) अखिलेश यादवः समाजवादी पार्टी के सांसद ने कहा कि रेलवे की जमीन, डिफेंस की जमीन भी भारत की है। क्या डिफेंस और रेलवे की जमीन नहीं बेची जा रही है? वक्फ मुसलमानों का है और विधेयक पर उन्हीं की बात नहीं सुनी जा रही है। जब करोड़ों लोग इसके खिलाफ हैं तो इसे लाने की जरूरत क्या है।
3) कल्याण बनर्जीः टीएमसी संसदीय दल के नेता ने कहा कि ये संविधान के खिलाफ है, संवैधानिक ढांचे पर प्रहार है। वक्फ संपत्ति मुस्लिम समुदाय के लिए बैकबोन है।यह इस्लामिक परंपराओं को लेकर गंभीर चिंता का विषय हैं। किसी भी धर्म में दिए जाने वाले दान को कैसे नियंत्रण कर सकते हैं।
4) ए राजाः डीएमके सांसद ने कहा कि ये कहानी गढ़ रहे हैं कि संसद भवन वक्फ बोर्ड को दे दी गई होती। आज का दिन इस संसद के लिहाज से भी महत्त्वपूर्ण है कि सेक्यूलर देश किस तरफ जाएगा। राजनीतिक बिल इस सदन के माध्यम से पूरे देश पर थोपा जा रहा है।
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