गौरतलब है कि नागौर के तत्कालीन जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने वर्ष 2021 में रास्ता खोलो अभियान की शुरुआत करते हुए गांवों में वर्षों से बंद पड़े रास्तों को न केवल खुलवाया, बल्कि उन पर नरेगा के तहत ग्रेवल सडक़ें भी बनवाई, जिसके चलते जिले के हजारों किसानों एवं ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें ‘रास्ता खोलो अभियान’ के लिए जिला एक नोडल अधिकारी व एक सहायक स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
‘रास्ता खोलो अभियान’ के तहत होंगे ये कार्य – राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 की धारा 25 के तहत रास्ता खुलवाना। – राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 की धारा 251ए के तहत दिए गए रास्तों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करवाना।
– मुख्य ग्राम/बाडिया/ढाणियां/मजरा को जोडऩे वाले रास्तों का राजस्व रिकॉर्ड में अंकन। – कदीमी रास्तों का राजस्व रिकॉर्ड में अंकन। – राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज रास्ते, जो मौके पर बन्द हैं, उन रास्तों को खुलवाना।
– नरेगा से निर्मित रास्तों का राजस्व रिकॉर्ड में अंकन। – कृषि भूमियों पर आवागमन के लिए सार्वजनिक रास्तों का राजस्व रिकॉर्ड में अंकन।