योजना नहीं तो सरकारी आवासों को दे दी जमीन
केडीए को झिंझरी में आवंटित 85.60 हैक्टेयर भूमि पर व्यपगत होने के बाद कुछ जमीन शासकीय आवासों के लिए 10 हेक्टेयर जमीन आवंटित कर दी। वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय के लिए भी यहां जमीन आवंटित की जा रही है। वर्तमान में यहां केडीए के पास 70.60 हैक्टेयर भूमि शेष है।केडीए की सबसे बड़ी योजना का यह हुआ हाल
- वर्ष 2011 में 85.60 हैक्टेयर भूमि कटनी विकास प्राधिकरण को योजनाओं के लिए हस्तांतरित की गई।
- वर्ष 2012 में आवंटित भूमि का कृषि से भू-उपयोग आवासीय भू-उपयोग कराया गया।
- वर्ष 2014 में नगर विकास स्कीम क्रमांक 1 तैयार कर सूचना का प्रकाशन किया गया।
- वर्ष 2015 में योजना का ले-आउट/ नक्शा स्वीकृत कराया गया और कालोनाइजर का रजिस्ट्रेशन करवाकर लाइसेंस लिया गया।
- वर्ष 2016 में योजना के लिए पर्यावरण स्वीकृति हेतु आवेदन किया गया।
- वर्ष 2020 में आवेदन के चार वर्ष बाद शासन से पर्यावरण स्वीकृति मिली।
- वर्ष 2021 में शासन के नियमानुसार योजना में 10 प्रतिशत से अधिक कार्य न होने पर योजना व्यपगत कर दी गई।
फिर झिंझरी में टुकड़ों में बनाई योजना
- झिंझरी में 85.60 हैक्टेयर भूमि पर बनी झिंझरी आवासीय सह वाणिज्यिक योजना निरस्त होने के बाद केडीए ने टुकड़ों में योजना बनाने का निर्णय लिया।
- 2021 में पुन: झिंझरी में आवासीय सह वाणिज्यिक योजना को पार्ट-पार्ट में बनाने के लिए योजना क्रमांक 1-ए, 1-बी व 1 सी के नाम से सूचना का प्रकाशन किया गया।
- वर्ष 2022 में नगर तथा ग्राम निवेश को योजना के प्रथम स्टेज 6.1 हैक्टेयर पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजा गया और नक्शा/ ले-आउट बनाया गया।
- वर्ष 2023 को केडीए ने नगरनिगम को योजना के लिए कालोनी विकास अनुज्ञा शुल्क 47.19 लाख रुपए का भुगतान किया।
- वर्तमान में योजना अबतक लंबित है।
बरगवां आवासीय योजना सिर्फ सूचना प्रकाशन में सिमटी
- वर्ष 2013 में केडीए को बरगवां में 3.442 हैक्टेयर भूमि का आवंटन योजनाओं के क्रियान्यवन के लिए किया गया।
- वर्ष 2021 में केडीए ने नगर विकास स्कीम क्रमांक-2 तैयार कर सूचना का प्रकाशन किया। सूचना प्रकाशन में ही अफसरों को 8 वर्ष लग गए।
- योजना अबतक सिर्फ सिर्फ सूचना का प्रकाशन ही हुआ है। बजट का आभाव होने के कारण योजना अबतक ठप पड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि संभवत: योजना को सरेंडर कर दिया गया है।
खिरहनी में केडीए को आवंटित जमीन के लिए रास्ता ही नहीं
केडीए को वर्ष 2013 में ग्राम खिरहनी में योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 0.656 हैक्टेयर भूमि आवंटित की गई। केडीए ने यहां रिहायशी भवनों का निर्माण कर एक कालोनी विकसित करने की योजना बनाई लेकिन आवंटित जमीन तक पहुंचने कोई भी शासकीय मार्ग नहीं मिला। जिसके चलते योजना नहीं क्रियान्वित नहीं हो सकी।इस योजना से सभी को है आस
झिंझरी आवासीय योजना के प्रथम चरण में 6.31 हेक्टेयर में बनी योजना के लिए जबलपुर विकास प्राधिकरण से राशि उधार लेकर कटनी विकास प्राधिकरण ने नगरनिगम को कॉलोनी विकास अनुज्ञा प्रदान करने के लिए अनुज्ञा शुल्क, आश्रय शुल्क, श्रमिक उपकर, पर्यवेक्षण आदि के मद मे 47 लाख 19 हजार 622 रुपए व प्रापर्टी टैक्स 26 लाख में से 9 लाख रुपए का भुगतान कर दिया है। अब इस योजना में जमीन के बदले सिर्फ प्रशासन को भूभाटक सहित अन्य भुगतान किया जाना है। भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण होते ही यहां आगामी दो-तीन माह में कार्य शुरू हो सकती है।केडीए के अध्यक्षों का कार्यकाल
अध्यक्ष कार्यकाल
- एम सेल्वेंद्रन 3-7-2009 से 26-11-2012
- अशोक कुमार सिंह 3-1-2012 से 8-8-2012
- ध्रव प्रताप सिंह 9-8-12 से 25-5-14
- अशोक कुमार सिंह 26-5-14 से 7-9-14
- विकास सिंह नरवाल 8-9-14 से 5-1-2016
- प्रकाश जांगरे 7-1-2016 से 24-6-2016
- विशेष गढ़पाले 20-7-2016 से 24-8-2016
- धु्रव प्रताप सिंह 26-8-2016 से 11-12-2018
- विशेष गढ़पाले 11-12-2018 से 13-3-2018
- केवीएस चौधरी 13-3-2018 से 7-3-2019
- डॉ. पंकज जैन 7-3-2019 से 4-6-2019
- एसबी सिंह 4-6-2019 से 10-12-2019
- प्रियंक मिश्रा 10-12-2019 से 09-11-22
- अविप्रसाद 09-11-22 से 5-4-23
-पीतांबर टोपनानी- 05-04-23 से 13-02-24 - दिलीपकुमार यादव- 20-07-24 से अबतक
(नोट- इनमें धु्रव प्रताप सिंह व पीतांबर टोपनानी शासन से नामित अध्यक्ष रहे हैं। शेष प्रभार जिला कलेक्टरों के पास रहा है। )
कलेक्टर ने कही यह बात
दिलीप कुमार यादव कलेक्टर ने कहा कि कटनी विकास प्राधिकरण द्वारा शहर विकास को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। झिंझरी में छह हेक्टेयर से अधिक भूमि पर बनी आवासीय योजना की सभी अनुमतियां केडीए ने प्राप्त कर ली हैं। शासन द्वारा तय की गई भूभाटक की राशि जमा कराई जानी है, जिसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई है। योजना का क्रियान्वयन जल्द होगा।