कैसे हुआ विवाद?
गुरुवार सुबह सम रोड स्थित काहला फांटा पर रॉयल्टी वसूली को लेकर ट्रकों को रोका गया। ट्रक चालकों ने इस संबंध में विधायक के भाई नखत सिंह को सूचना दी। इसके बाद विधायक के पुत्र भवानी सिंह, नखत सिंह और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में झगड़ा बढ़ गया, जो जल्द ही हिंसक संघर्ष में बदल गया।
क्या कह रहे हैं दोनों पक्ष?
रॉयल्टी ठेकेदार शैतान सिंह ने आरोप लगाया कि विधायक के बेटे भवानी सिंह, नखत सिंह और उनके समर्थकों ने हथियारों के साथ हमला किया, रॉयल्टी नाके में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया। वहीं, विधायक पुत्र भवानी सिंह का कहना है कि वे सिर्फ बातचीत करने गए थे, लेकिन ठेकेदारों के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई।
पुलिस का क्या कहना है?
एसपी सुधीर चौधरी और एडिशनल एसपी कैलाश दान जुगतावत ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि रॉयल्टी को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से ही तनाव था।
फिलहाल क्या हालात हैं?
बता दे, दोनों पक्षों के घायलों का इलाज जैसलमेर के जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल राहुल चौधरी और प्रवीण चौधरी को जोधपुर रेफर किया गया है। रॉयल्टी नाके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।