jammu kashmir : 2021 में खोला था सिलाई केंद्र
यह ध्यान देने योग्य है कि इरशाद ने 2021 में अपना सिलाई केंद्र स्थापित किया और समाज में इस धारणा को चुनौती दी कि शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति कोई कार्य नहीं कर सकते। इरशाद ने बताया कि मैंने अपनी योजना के बारे में शफकत पुनर्वास केंद्र से चर्चा की, जिन्होंने मुझे पूर्ण समर्थन प्रदान किया। इसके बाद मैंने सिलाई केंद्र की स्थापना की और कार्य आरंभ किया। किसी भी कार्य की शुरुआत में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन ‘हिम्मत-ए-मर्दा, मदद-ए-खुदा’ का सिद्धांत आपको आगे बढ़ने में सहायता करता है। —ये भी पढ़ें—
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इरशाद ने शफकत पुनर्वास केंद्र के तहत आयोजित अलग अलग प्रदर्शनी में अपनी कला का प्रदर्शन किया और ऐसे उत्पाद प्रदर्शित किए जिनसे न केवल उन्हें बढ़िया कमाई हुई बल्कि लोगों को संदेश भी गया कि दिव्यांग व्यक्ति भी समाज में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। उसने दावा किया कि हम भी पूरे देश में ऑनलाइन उत्पादों को वितरित करते हैं। इरशाद ने युवाओं को अपने भविष्य की जिम्मेदारी स्वयं संभालने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनसे आग्रह किया कि वे केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं नौकरी सृजक बनें। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दिव्यांगता मानसिक दिव्यांगता है। हमें इस पर काबू पाना होगा, अपनी छिपी हुई क्षमता को तलाशना होगा और समाज में अपनी जगह बनानी होगी।