CG News: इन गांव में एक भी बोर नहीं
आपको बता दें कि बड़ेकाकलेड पंचायत में 4,20,000 रुपए की निकासी हुई, जिसमें 18 जनवरी को 1,20,000 रुपए, 3 जनवरी को 1,00,000 रुपए, 50,000 रुपए और फिर 1,50,000 रुपए निकाले गए। यह पूरी राशि एक ही ट्रेडर्स के नाम पर ट्रांसफर की गई। केरपे पंचायत में 4,50,000 रुपए की निकासी हुई, जिसमें 18 जनवरी को 1,50,000 रुपए प्रति बोरिंग के हिसाब से तीन अलग-अलग बोर खनन के नाम पर राशि निकाली गई। वहीं एड़ापल्ली पंचायत में 3,95,000 रुपए निकाले गए, जिसमें 6 दिसंबर को 1,50,000 रुपए, 5 दिसंबर को 1,00,000 रुपए और फिर 1,45,000 रुपए की निकासी हुई। इन तीन पंचायतों में कुल 11 बोरिंग के लिए 12,65,000 रुपए खर्च किए गए, लेकिन इन गांव में एक भी बोर नहीं किया गया हैं।
फर्जी फर्म के जरिए हुआ पैसों का लेन-देन
जांच में सामने आया है कि जिन फर्मों के नाम पर राशि निकाली गई, उनके पास बोर खनन का कोई लाइसेंस नहीं है और न ही उनके पास बोरिंग करने की कोई गाड़ी या अन्य संसाधन हैं। तीनों पंचायतों ने दो फर्जी ट्रेडर्स के नाम पर पैसे ट्रांसफर कर दिए।
पंचायत सचिवों ने अपनों के नाम से फर्म बना डाले
CG News: आचार संहिता लागू होने से पहले पैसे निकालने का खेल हुआ। साथ ही पंचायत सचिवों ने अपने परिवार के लोगों के नाम से फर्जी फर्म बनाकर पैसे निकाल लिए। ऐसे-ऐसे फर्म तैयार किए गए जिन्हें काम की कोई जानकारी ही नहीं है। यह पूरा मामला शुरुआत से
फर्जीवाड़े के नींव पर खड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कैसा एक्शन लेते हैं।
इल्लुबाई गोटे, पूर्व सरपंच, बड़ेकाकलेड पंचायत: मेरे पंचायत में इस वर्ष कोई बोर खनन नहीं हुआ है। दो साल पहले मेरे दिवंगत पति, जो उस समय सरपंच थे, उन्होंने कुछ जगह बोरिंग कराई थी, जिसका भुगतान वित्तीय वर्ष 2023-24 में किया गया था। लेकिन वर्ष 2024-25 में कोई बोरिंग नहीं हुई। यहां पानी की बहुत समस्या है।
डी.आर. बंजारे, उप अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, भोपालपटनम: हमारे विभाग की जानकारी के अनुसार नेशनल पार्क क्षेत्र में 165 हैंडपंप चालू स्थिति में हैं। पंचायतों ने इस साल कोई नया बोर खनन कराया है या नहीं, इसकी जानकारी हमें नहीं है।