जिला पंचायत अध्यक्ष पुन्हार ने कहा कि चार तथाकथित लोगों ने उनकी जाति को लेकर कलेक्टर कार्यालय में डाक से एक शिकायत पत्र दिया था। इसमें उल्लेख किया गया कि वे अनुसूचित जाति से नहीं आते। उन्होंने गलत तरीके से अनुसूचित जाति वर्ग की सीट से चुनाव लड़ा। अगले दिन 27मार्च को परासिया विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी रही ज्योति डेहरिया ने इस शिकायत को आधार बनाकर अपने सहयोगियों के साथ कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। पुन्हार ने कहा कि इन चारों तथाकथित शिकायतकर्ताओं को उपस्थित कराया जाए। उनकी जाति प्रमाणित कराई जाए।
यह शिकायत पूरी तरह से फर्जी और राजनीतिक द्वेष भावना से प्रेरित है। प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाने की मंशा से की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी जाति से जुड़े सभी दस्तावेज उनके पास सुरक्षित है। इसी तरह ज्योति डेहरिया एवं अन्य के ज्ञापन के मामले में उन्हें समक्ष उपस्थित कराया जाए। अन्यथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने सुनी 85 आवेदकों की समस्याएं
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में 85 आवेदकों की समस्याएं सुनी। जनसुनवाई में ग्राम भरदागढ़ की शांति बोसोम व ग्राम गोफ के पूरनलाल ने भू-अधिकार पट्टा दिलाने, ग्राम बखारी के मंगलसी भारती ने खानदानी भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने की अनुमति दिलाने, चांद के दयाराम धुर्वे ने स्वरोजगार के लिए शासन की योजना का लाभ दिलाने, ग्राम दीघावानी के हरसेवक ने अपनी जमीन का त्रुटिपूर्ण सीमांकन किए जाने पर त्वरित जांच कराने, ग्राम सांख की संध्या साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि प्रदान करने, ग्राम तिवड़ा के संतकुमार ने शासन की योजना के अंतर्गत मनरेगा कार्य की राशि दिलाने, तामिया की रूषमा धुर्वे व ग्राम धूसावानी की कमलाबाई ने संबल योजना का हितलाभ दिलाने व ग्राम उमरानाला की वंदना पवार ने गरीबी रेखा में नाम जोडऩे आदि के आवेदन दिए।