यह था मामला राजस्थान के खननमाफिया की ओर से हरियाणा में सांठगांठ कर अवैध खनन वसामग्री को क्रशर प्लांटों तक पहुंचाने के लिए आसान रास्ता नहीं था। चूंकि हरियाणा से सटे गांव नांगल व छपरा में राजस्थान सरकार ने लीजें दी हुई हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच आसान रास्ता बनाने के लिए छह किमी का अवैध रास्ता हरियाणा सीमा में बना दिया गया। जहां से दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से आसानी से अवैध खनन का परिवहन हो रहा है। 27 नवंबर 2024 को डीएफओ के आदेश पर वन विभाग ने रास्ता भी बंद करा दिया, लेकिन सरपंच व चकबंदी अधिकारी ने रात में रास्ता से खुलवा दिया। खननमाफिया के लिए छह किमी लंबी 33 फीट चौड़ी सडक़ बनवाई गई है। एक किमी के एरिया में पहाड़ को नुकसान पहुंचाया है। करीब 1500 से अधिक पेड़ों को काटा गया है।
अधिकारी जानते हैं, लेकिन साधी चुप्पी हकीकत यह है कि अवैध रास्ते की इस प्रकरण की जानकारी डीग जिले के जनप्रतिनिधियों से लेकर स्थानीय व जिला प्रशासन के संबंधित हरेक अधिकारी के पास रास्ता निर्माण शुरू होने से ही थी, लेकिन रसूख के दबाव व खननमाफिया के साथ सांठगांठ के कारण शुरू से ही चुप्पी साधी जाती रही। यही कारण है कि अब तक यह रास्ता अवैध खनन सामग्री के परिवहन की सुगम राह बना हुआ है। साथ ही राज्य सरकार को राजस्व की चपत लगाई जा रही है। इतना ही नहीं हरियाणा प्रशासन से भी खननमाफिया गिरोह की सांठगांठ उजागर हो चुकी है। क्योंकि 25 मार्च को खुद हरियाणा के अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया था, लेकिन खननमाफिया गिरोह के दबाव में कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई।
–पहाड़ी में अवैध खनन को लेकर हरियाणा और राजस्थान में रास्ते को लेकर मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर जांच करने को कहा है। प्रकरण को लेकर खनिज विभाग के अधिकारी से मामले की जानकारी ली तो उनका कहना है कि रास्ता हरियाणा सीमा में है। जांच के लिए मैं खुद मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति को देखकर आऊंगा।
उत्सव कौशल, जिला कलक्टर डीग