दिल्ली में फैक्टरी में शुरू हुई प्रेम कहानी
रहीमा मूल रूप से दिल्ली के सीलमपुर की रहने वाली हैं, जबकि दीपक बरेली के बहेड़ी थाना क्षेत्र के चुरेली गांव के निवासी हैं। दोनों दिल्ली की एक सिलाई फैक्टरी में काम करते थे, जहां करीब दो साल पहले उनकी मुलाकात हुई। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और जल्द ही दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। दीपक ने अपने प्रेम का इजहार किया, जिसे रहीमा ने स्वीकार कर लिया।
घरवालों के विरोध के कारण उठाया बड़ा कदम
हालांकि, दोनों के अलग-अलग धर्म के कारण शादी में अड़चनें आ रही थीं। रहीमा के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था, और उन्होंने बेटी पर कई तरह की पाबंदियां लगा दीं। उन्हें दीपक से अलग रहने के लिए मजबूर किया गया और धमकियां भी दी गईं। इसी तरह, दीपक के परिवार ने भी शुरुआत में इस रिश्ते का विरोध किया, लेकिन बाद में वे इस शादी के लिए तैयार हो गए। रहीमा ने अपने परिवार का विरोध सहते हुए दीपक के साथ घर छोड़ने का फैसला किया और बरेली आ गईं।
मंदिर में धर्म परिवर्तन कर बनीं रिद्धि, लिए सात फेरे
बरेली पहुंचकर, दोनों ने एक मंदिर में शादी करने का निर्णय लिया। मंदिर के महंत की उपस्थिति में रहीमा ने हिंदू धर्म अपनाया और अपना नाम बदलकर रिद्धि रखा। इसके बाद हिंदू रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई। दीपक ने रिद्धि की मांग में सिंदूर भरा, मंगलसूत्र पहनाया और सात फेरे लिए। रिद्धि (पूर्व में रहीमा) ने कहा कि वह दीपक के साथ बेहद खुश हैं और अपने फैसले से संतुष्ट हैं। वहीं दीपक ने भी रिद्धि को जीवनभर साथ निभाने का वादा किया। शादी के बाद रिद्धि ने चिंता जाहिर की कि उन्हें अपने मायके वालों से जान का खतरा है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है।