उनमें से तीन लोगों को आईटीबीपी व सेना की मदद से सेना अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। अन्य की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बर्फबारी के कारण संचार सेवा ठप पड़ी हुई है। चमोली के डीएम संदीप तिवारी के मुताबिक माणा के पास के बीच हिमस्खलन होने से मजदूरों के दबने की सूचना है। बताया कि एयर फोर्स से मदद मांगी जा रही है। सेना और आईटीबीपी रेस्क्यू में लगी है। रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ भी बुलाई जा रही है। उत्तराखंड सरकार के मुताबिक, चमोली जिले के माणा में हुए हिमस्खलन से 33 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।
बर्फबारी से रास्ते भी बंद
माणा में जहां आज एवलांच आया है वहां तक पहुंचने के लिए मार्ग भी अवरुद्ध चल रहे हैं। दरअसल, क्षेत्र में पिछले तीन दिन से बर्फबारी हो रही है। सभी रास्ते बर्फबारी से पटे हुए हैं। रास्ते बंद होने के कारण एनडीआरएफ की टीम भी मौके तक नहीं पहुंच पाई है। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बर्फ में दबे मजदूरों की कुशलता की कामना है।
सेना ने चलाया सर्च ऑपरेशन
एवलांच के कारण बर्फ में दबे मजदूरों के लिए सेना के जवान देवदूत बनकर आए हैं। हिमस्खलन की सूचना मिलते ही सेना के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया था। अब तक सेना के जवान बर्फ में दबे 15 मजदूरों को बाहर निकाल चुके हैं। शेष मजदूरों को बर्फ में तलाश जा रहा है। इधर, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चमाली जिले में हो रही बारिश और बर्फबारी को देखते हुए जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने आईआरएस से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। अचानक देहरादून में आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे और अधिकारियों से हिमस्खलन की घटना की जानकारी ली।