बैठक में संभागीय खाद्य नियंत्रक, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी, डीआर कोऑपरेटिव, मंडी विभाग, एसआरएओ, भारतीय खाद्य निगम, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव और अन्य क्रय एजेंसियों के मंडल और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
अब तक मंडल में हुई कुल 5839.81 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद
समीक्षा में सामने आया कि 4 जिलों में अब तक निम्नलिखित मात्रा में गेहूं की खरीद की जा चुकी है। जिसमें बरेली में 802.24 मीट्रिक टन, बदायूं में 272.85 मीट्रिक टन, पीलीभीत में 632.95 मीट्रिक टन और शाहजहांपुर में 4131.77 मीट्रिक टन यानि पूरे मंडल में कुल 5839.81 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है।
नोडल अधिकारी ने दिए अहम निर्देश
डॉ. चंद्रभूषण ने निर्देशित किया कि जिन क्रय केंद्रों पर अभी तक खरीद शुरू नहीं हुई है, वहां तत्काल क्रय प्रक्रिया शुरू की जाए। सहकारी समितियों द्वारा संचालित केंद्रों पर खरीद की जिम्मेदारी एडीसीओ और एडीओ को दी गई। मंडियों में स्थित क्रय केंद्रों को प्रतिदिन कम से कम 300 क्विंटल खरीद का लक्ष्य दिया गया है। जो केंद्र इस मानक को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाए।
फोकस: हार्वेस्टर वाले क्षेत्रों से सीधे खरीद
जिन क्षेत्रों में कंबाइन हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई हो रही है, उन इलाकों में या उनके निकटवर्ती क्षेत्रों में क्रय केंद्रों को हार्वेस्टर से लिंक किया जाए ताकि सीधे खरीद हो सके। इसके अलावा पीलीभीत और शाहजहांपुर में किसान पंजीकरण सत्यापन कम पाया गया। इसे बढ़ाने के लिए तहसील स्तर पर लेखपालों की बैठक उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
किसानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
बैठक के दौरान किसानों को केंद्रों पर बैठने के लिए कुर्सियां, गुड़, और पानी की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, गेहूं खरीद के लिए बोरे और धनराशि की साप्ताहिक उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं बोरों की दैनिक समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कमी के कारण खरीद प्रभावित न हो, और 24 से 48 घंटे में किसानों को भुगतान किसानों और सम्पर्क पंजीका में किसानों से किए जा रहे संपर्क की एंट्री अनिवार्य रूप से की जाए। खरीदे गए गेहूं का सुगम उठान भारतीय खाद्य निगम को सौंपने के निर्देश भी दिए गए।