विशेष लोक अभियोजक पोक्सो अरविन्द त्यागी ने बताया कि जिले के छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता को वर्ष 2021 में उसके पिता ने पांच लाख रुपए लेकर सुरेश से उसकी मर्जी के खिलाफ शादी करा दी थी। उस समय पीड़िता कक्षा 9वीं में पढ़ती थी और सुरेश उससे दोगुनी उम्र का था।
उसकी बहन की शादी 2017 में की थी। दीदी ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर इसकी जानकारी दी तो चाइल्ड लाइन ने उन्हें बाल कल्याण समिति के माध्यम से स्वाधारगृह में छोड़ दिया। वहां से एक दिन पिता व ताऊ ले आए और 13 नवंबर की रात ससुराल वालों को बुलाकर जबरदस्ती वैन में डालकर बहन को ससुराल व उसे उसके ससुराल भेज दिया। वहां पति सुरेश, तेजराज व कन्हैया पीड़िता के साथ जबरदस्ती करते थे।
पीड़िता ने उक्त आरोप लगाते हुए 23 दिसंबर 2021 को छीपाबड़ौद पुलिस को पर्चा बयान दिया। इस पर पुलिस ने अनुसंधान कर न्यायालय में चालान पेश किया। गवाहों के बयान के बाद न्यायालय ने आरोपित पिता को 14 साल का कठोर कारावास व 30 हजार रुपए के अर्थदंड व अभियुक्त बद्रीलाल व सुरेश को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास व प्रत्येक को कुल 6 लाख 11 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।