Crime News: लाश को रेत में गाड़कर फरार
पूछताछ में इन्होंने बताया कि घटना वाली रात बच्चे को बहला-फुसलाकर महानदी की ओर ले गए थे। यहां पहले बेल्ट से गला घोंटकर
हत्या की। फिर लाश को रेत में गाड़कर फरार हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक, डोंगरीडीह गांव में रहने वाले बच्चे के पिता ने 2 शादी की थी। पहली पत्नी दुर्गा धृतलहरे और दूसरी पत्नी मीना धृतलहरे (31 वर्ष) के बीच अक्सर अनबन होती थी। हालांकि, पति के साथ दोनों रोज साथ में काम पर जाती थीं। तब बच्चा अपनी चाची मोंगरा धृतलहरे (25 वर्ष) के साथ रहता था।
14 साल के मासूूम को मरवा दिया
बताते हैं कि दुर्गा अक्सर मीना को ये कहकर ताना मारती कि उसने सौतेले बच्चे को अपने पास रखा है। उसका ठीक से याल नहीं रखती। इसी तरह बच्चे के पिता का उसकी चाची से भी अवैध संबंध होने को लेकर लगातार बवाल होने की बातें सामने आ रहीं हैं। दुर्गा और मोंगरा के मुताबिक इन्हीं तानों से तंग आकर उन्होंने बच्चे की हत्या की साजिश रची। उन्हें लगा कि इससे मीना दुखी होगी। मतलब सिर्फ तानों का बदला लेने के लिए उन्होंने 14 साल के मासूूम को मरवा दिया। वॉट्सऐप पर भेजी थी तस्वीर, झूठ बोलकर नदी की ओर ले गए
पुलिस की जांच में पता चला कि मीना और मोंगरा ने बच्चे को मरवाने के लिए सरखोर गांव के गोविंदा कोसले को 50 हजार रुपए की सुपारी दी थी। उसे बच्चे की तस्वीर वॉट्सऐप पर भेजी गई थी। गोविंदा ने इस योजना में तीन नाबालिगों को शामिल किया।
ये ही लोग 30 मार्च की रात करीब 8 बजे बच्चे को झूठ बोलकर महानदी की ओर ले गए। यहां गुप्पे अंधेरे के बीच मौका पाकर तीनों ने बेल्ट से गला दबाकर बच्चे को मार दिया। फिर लाश छिपाने के इरादे से उसे वहीं रेत में दफन कर दिया और मौके से भाग निकले।
पहली नजर में ही हत्या का मामला, पीएम रिपोर्ट से शक पुख्ता
Crime News: पुलिस के बताए मुताबिक, उन्हें पहली नजर में ही यह प्रकरण हत्या का लगा था। मौके पर फॉरेंसिक टीम बुलाकर जांच करवाई गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से शक और पुख्ता हो गया। इसमें बच्चे को गला घोंटकर मारने की बात सामने आई। हत्या के बाद लाश रेत में गाड़ी गई थी।
संदेह के आधार पर पुलिस ने सौतेली मां और चाची के साथ सोरखर में रहने वाले गोविंदा और उसके तीनों नाबालिग साथियों को हिरासत में ले लिया था। इन्होंने भी अपना जुर्म कबूल कर लिया है। 48 घंटे में पुलिस ने मामला सुलझा लिया है।