इन परीक्षाओं के लिए अब तक 38 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन कर चुके हैं। लेकिन, आयोग में 98 पद खाली पड़े हैं, जिससे कर्मचारियों पर भारी कार्यभार बढ़ गया है। संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष दयाकर शर्मा ने बताया कि 20 दिन पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया।
प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
संघर्ष समिति के मुताबिक, कर्मचारियों ने पहले चार दिन तक काली पट्टी बांधकर विरोध किया था। अब पेन डाउन हड़ताल शुरू की गई है। यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो सोमवार से सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संघर्ष समिति का कहना है कि यदि प्रशासन समस्या का समाधान नहीं करता, तो आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी आयोग प्रशासन की होगी।
इस महीने होने वाली प्रमुख परीक्षाएं
इस हड़ताल के बीच आयोग को महत्वपूर्ण परीक्षाओं और इंटरव्यू का आयोजन करना है, जिन पर इसका असर पड़ सकता है। – सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा) परीक्षा 2023- राजनीतिक विज्ञान के इंटरव्यू 24 मार्च से 9 अप्रैल तक – RAS भर्ती परीक्षा 2023 – इंटरव्यू 21 अप्रैल से – कृषि अधिकारी परीक्षा 2024 – परीक्षा 20 अप्रैल (52 पदों के लिए)
समाधान नहीं मिला तो बढ़ेगा आंदोलन
संयुक्त संघर्ष समिति ने साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। कर्मचारी साप्ताहिक अवकाश लेकर सामूहिक हड़ताल करने की भी योजना बना रहे हैं। बता दें, राजस्थान में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थी इस हड़ताल से प्रभावित हो सकते हैं। अगर हड़ताल लंबी चलती है तो RAS, कृषि अधिकारी और सहायक आचार्य जैसी प्रमुख परीक्षाएं प्रभावित हो सकती हैं।