यह सब निर्णय व बजट बुधवार को निगम की जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए। बैठक में करीब 471.98 करोड़ का बजट रखा गया। निगम आयुक्त रामप्रकाश ने बताया कि जिला कलक्टर द्वारा शहर के चहुंमुखी विकास को लेकर गहन विचार किया। बैठक में उपायुक्त दिनेश कुमार मंडोवर, अधीक्षण अभियंता मुकेश पुजारी, लेखा अधिकारी बाबूलाल बंजारा, सहायक लेखाधिकारी दिलीप सिंह सहित निगम के सभी अधिशासी अभियंता एवं प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।
एलिवेटेड रोड पर 40 करोड़ का प्रावधान
एलिवेटेड रोड को लेकर निगम की ओर से 40 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है, जिससे कार्य की गति अनवरत बनी रहे। इसके लिए करीब 30 करोड़ उदयपुर विकास प्राधिकरण से प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा भी इस मद में राशि का भुगतान किया जाएगा।
79 पार्कों के रखरखाव के लिए विकास समितियोंं को देंगे अनुदान
निगम की ओर से विभिन्न कॉलोनियों में स्थित 79 पार्कों के रखरखाव के लिए स्थानीय विकास समितियों को राशि 50 लाख का अनुदान दिया जाएगा। गुलाबबाग के रखरखाव, विकास एवं सुरक्षा के लिए राशि 80 लाख खर्च होंगी। अन्य पार्को के रखरखाव के लिए 250 लाख का प्रावधान किया है। झीलों की साफ-सफाई के लिए दो और डिवीडिंग मशीन खरीद की जाएगी।
इन कार्याें पर फोकस
– घर-घर से कचरा संग्रहण लिए ऑटो टिपर लगाकर 8 करोड़ खर्च किए जाएंगे। – झीलों की साफ-सफाई के लिए एक करोड़ खर्च होंगे। -पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए रात्रिकालीन सफाई होगी। इसके लिए 1.50 करोड़ का प्रावधान है। – रोड एवं नाली सफार्ई तथा घर-घर कचरा संग्रहण कार्य डिपोजिट वर्क के रूप में निगम द्वारा किया जाएगा। इस पर 12 करोड़ खर्च होंगे। – गोशाला में सूखे व हरे चारे के लिए 4.80 करोड़ राशि का व्यय होगा।
– निगम सीमा क्षेत्र में वृद्धि को देखते हुए सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने गेराज में नवीन उपकरण, मशीनरी, 5 ट्रैक्टर मय ट्रोली, 2 जेसीबी, 3 स्काई लिफ्टर के लिए 1.50 करोड़ खर्च का प्रावधान है।
– रोड लाइट की मॉनटरिंग के लिए स्विचेज को ऑनलाइन सर्वर से कनेक्ट किया जाएगा। एक करोड़ खर्च होंगे। – स्वायत्त शासन विभाग के आदेश अनुसार 24 अप्रेल से स्ट्रीट बिलों का भुगतान निगम स्तर से किया जाना है। उक्त कारण से बिजली बिलों के भुगतान मद में बकाया पेटे सहित 13 करोड़ का खर्च का प्रावधान रखा है।
– पुरानी सीवरेज लाइनों के रख-रखाव पर 5 करोड़, सडक़ो के रखरखाव एव सुदृढ़ीकरण के लिए 15 करोड़, अशोक नगर में नाला निर्माण के लिए 5 करोड़, शिकारबाडी क्षेत्र में नवीन सडक़ एवं नाली निर्माण के लिए 5 करोड़ खर्च होंगे।
आय पर भी रहेगी विशेष नजर
वर्ष 2025-26 के नगरीय विकास कर में 20 करोड़ रुपए की आय अर्जित करने का लक्ष्य रखा है। – साइन बोर्ड से 3 करोड़ का लक्ष्य – भवन निर्माण अनुमति के लिए 4.5 करोड़ का लक्ष्य रखा है। – शहर में विभिन्न स्थानों पर भू-उपयोग परिवर्तन के लिए 7 करोड रुपए का लक्ष्य। – शहर में विभिन्न कार्यों के लिए रोड कटिंग में 5 करोड़ रुपए। – इस वर्ष 6 करोड रुपए तक के भूखंड विक्रय किए जाएंगे।
– शहर की झीलों में नाव संचालन में 7.5 करोड रुपए की आय अर्जित करने का लक्ष्य रखा है।