दिल्ली और मुंबई जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग
शाहगढ़ से
ओरछा हाईवे को जिले के यातायात की लाइफ लाइन कहा जाता है। देश की राजधानी दिल्ली के साथ ही आर्थिक राजधानी मुंबई को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है। 2006 में एमपीआरडीसी द्वारा इस सड़क का निर्माण किया गया था। इसके बाद पिछले 10 सालों से लगातार इस सड़क के उन्नयन करने की मांग की जा रही थी। इस सड़क पर जिले के यातायात का सबसे अधिक दबाव है। इस सड़क पर प्रतिदिन 2 हजार माल वाहक, यात्री वाहन के साथ ही कार आदि की आवाजाही होती है। वर्तमान में झा भड़क पर इतना ट्रैफिक रहता है कि लोगों को पृथ्वीपुर तक क्रॉसिंग के लिए भी परेशान होना पड़ता है।
10 मीटर चौड़ी होगी सड़क
एनएच के अधिकारियों ने बताया कि यह टीकमगढ़ से ओरछा तक बनने वाली डबल सड़क में 10 मीटर डामर और डेढ़-डेढ़ मीटर की पटरी होगी। सड़क की कुल चौड़ाई 13 मीटर होगी। ऐसे में वाहनों की आवाजाही में सुविधा होगी। इसके साथ ही इस सड़क पर पड़ने वाले ग्राम दिगौड़ा, बहौरी बराना, ज्यौरा मौरा, पृथ्वीपुर में बायपास बनाया जाएगा। अब इन कस्बों से वाहन नहीं निकलेंगे। ऐसे में लोगों को दूरी तय करने में कम समय लगेगा।
जल्द ही होगा दूसरा टेंडर
इस मामले में एनएच के कार्यपालन यंत्री पंकज व्या ने बताया कि जल्द ही विभाग द्वारा शाहगढ़ से टीकमगढ़ तक का दूसरा टेंडर जारी किया जाएगा। इसमें शाहगढ़ और टीकमगढ़ बायपास भी शामिल किया जाएगा। ऐसे में इसकी लागत 1100 करोड़ रुपए होगी। उनका कहना था कि इसी सप्ताह के अंदर यह टेंडर भी जारी कर दिया जाएगा।
बनेगा आरओबी
यह सड़क बाबरी तिराहे से ओरछा तिराहा तक बनाई जाएगी। इसमें ओरछा के पास पड़ने वाली रेलवे लाइन के लिए ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। यहां पर 1.2 किमी लंबा ओवर ब्रिज बनेगा। इसके साथ ही सालों से बारिश के समय समस्या बनने वाले पूनौल की पुलिया पर भी बड़े पुल का निर्माण किया जाएगा। वहीं इस सड़क पर आने वाले 16 छोटी पुलियों का भी निर्माण किया जाएगा।