राज्य पुष्प रोहिड़ा: रेगिस्तान का सुनहरा फूल
-खूबसूरती और महत्व का प्रतीक,रोहिड़ा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में है सहायक
- श्रीगंगानगर.राजस्थान का राज्य पुष्प रोहिड़ा (टेकोमेला अंडुलता) अपनी खूबसूरती और उपयोगिता के लिए प्रसिद्ध है। श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र में आरबी नहर के किनारे खिला रोहिड़ा पर्यटकों और राहगीरों को आकर्षित करता है। आरबी नहर के किनारे खिला हुआ रोहिड़ा,अपनी हल्की सुनहरी पुष्पों के साथ,वहां से गुजरने वाले लोगों का मन मोह लेता है। यह मध्य आकार का पेड़ न केवल सामूहिक सौंदर्य को बढ़ाता है,बल्कि इसकी लकड़ी भी अत्यंत मजबूत होती है,जिसका उपयोग फर्नीचर बनाने में किया जाता है।
- गौरतलब है कि 1983 में आधिकारिक रूप से राज्य पुष्प घोषित किया गया था। इसके बाद रोहिड़ा ने कई पर्यावरणीय लाभ भी प्रदान किए हैं। इसकी जड़ों से मिट्टी का कटाव रुकता है, जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहता है। गांव 22 आरबी के स्टेट अवार्डी अध्यापक लक्ष्मण भाटी का कहना है कि इसके पत्ते, फलियां और छाल आयुर्वेदिक दवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रोहिड़ा, वास्तव में राजस्थान की प्रकृति की अनमोल देन है।
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