अपर लोक अभियोजक गोपाल सिंह बिजारणियां ने बताया कि मृतका के भाई मुकेश कुमार 26 वर्ष निवासी वार्ड नंबर-06 सीकर ने धोद थाने में मामला दर्ज करवाया था। पीड़ित ने बताया कि उसकी बहन संजू देवी 28 वर्ष की शादी 2008 में कर्मवीर कुड़ी 28 वर्ष पुत्र कुशाल कुड़ी निवासी भुंवाला सीकर के साथ हुई थी। शादी के बाद संजू देवी ने दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। उस समय बच्चों की उम्र 8 साल थी। आरोपी कर्मवीर शराब पीकर संजू देवी के साथ मारपीट करता था। 7 सितंबर 2022 को शाम को 7 बजे पति कर्मवीर ने संजू देवी के साथ शराब पीकर मारपीट की और कमरे में फांसी के फंदे पर लटका दिया।
पत्नी ने मोबाइल छुपाया तो गुस्सा होकर शराबी पति ने मौत के घाट उतारा
पूछताछ में आरोपी कर्मवीर ने बताया था कि संजू देवी ने उसका का फोन छुपा लिया था। जब उसने फोन मांगा तो उसने देने से मना कर दिया। आरोपी ने संजू के भाई-भाभी को फोन देने के लिए फोन किया। मृतका के भाई-भाभी के कहने के बाद भी उसकी पत्नी संजू ने फोन नहीं दिया। मृतक के दोनों नाबालिग बच्चों ने जज के सामने बयान दिए। बच्चों ने बताया कि शाम को उनके पापा शराब पीकर आए थे। पापा ने दोनों को एक कमरे में बंद करके मम्मी के साथ मारपीट की। वह खिड़की में से देख रहे थे। पापा रस्सी से मम्मी को मार रहे थे और मम्मी जोर-जोर से चिल्ला रही थी। मम्मी जमीन पर गिरी हुई थी और पापा उन्हें लातों से भी मार रहे थे। कोर्ट ने दोनों बच्चों को चश्मदीद गवाह माना। धोद थानाधिकारी व जांच अधिकारी राकेश कुमार मीणा ने न्यायालय में 19 गवाह और 26 साक्ष्य पेश किए। जिसके बाद शनिवार को एडीजे क्रम संख्या-1 ने आरोपी को आईपीसी की धारा-302 में उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया। वहीं धारा-498 (ए) में 3 साल के साधारण कारावास व 10 हजार के जुर्माने से दंडित किया गया।
मृतका का रस्सी से गला घोंटकर फंदे से लटकाया-
जांच अधिकारी राकेश कुमार मीणा ने बताया कि आरोपी कर्मवरी व उसके परिवार ने संजू की हत्या को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया था। लेकिन एसएमएस हॉस्पिटल, जयपुर की मेडिकल बोर्ड की टीम ने संजू का पोस्टमार्टम किया था। जिसमें संजू के शरीर पांच से सात चोटें डॉक्टर ने जो मारपीट व संघर्ष के दौरान आना बताई थी। संजू का एक लीवर फटा हुआ था। मारपीट की रस्सी से गला घोंटकर बाद में उसे लटकाया गया था, ताकि आत्महत्या लगे।