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आठ देशों के फूलों से सजा दरबार
इस बार मंदिर परिसर को होलेंड, साउथ अफ्रीका, कोलंबिया, न्यूजीलैंड, चीन, इटली, बैंकाक के हाइडेंजिया, पिनोनोप्सी, इंपोशिया, डिशबर्ड, रेड बेरी, ऑर्चिड सहित 20 प्रकार की विभिन्न प्रजाती के फूलों सहित भारत के गुलाब, कार्निशियन, लीली एंथोरियम, एल्कोनिया, किशतिवाम सहित 65 किस्म के फूलों से सजाया गया है।पदयात्री: रींगस रोड से होगा प्रवेश, कम हुई दूरी
पदयात्री केवल रींगस मोड़ से ही खाटूश्यामजी आ सकेंगे। उनकी वापसी भी उसी मार्ग से होगी। बाबा श्याम के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं को खाटूश्यामजी में करीब 12 किमी की पदयात्रा करनी होगी। जो पहले करीब 15 किमी की थी।वाहन: मंढा मोड़ से प्रवेश, शाहपुरा से निकासी
मेले में वाहनों का प्रवेश एनएच 52 स्थित मंढा मोड़ से होगा। इस रूट से वाहन हनुमानपुरा होते हुए रींगस रोड पर बनी 52 बीघा सरकारी पार्किंग में पहुंचेंगे। वाहनों की निकासी शाहपुरा होते हुए एनएच 52 से होगी। जरूरत के हिसाब से अलोदा व सांवलपुरा रूट को भी काम लिया जाएगा। दांतारामगढ़ से आने वाले श्रद्धालु सीधे लखदातारा मैदान में प्रवेश मिल सकेगा।आज शाम 5 बजे खुलेगा दरबार, 271 घंटे दिन-रात भक्तों की फरियाद सुनेंगे बाबा श्याम
श्रद्धालु इन बातों का रखें विशेष ध्यान
-वीआईपी दर्शन की कोई व्यवस्था नहीं है।-आठ फीट से अधिक ऊंचाई के निशान नहीं लेकर जाएं।
-मंदिर में कांटेदार गुलाब नहीं लेकर जा सकेंगे।
-कांच की बोतल में इत्र ले जाने पर भी पाबंदी है।
-छोटे-बड़े डीजे पर मेला परिसर में पूरी तरह पाबंदी है।
-ढोल नगाड़ों को तोरण द्वार से आगे प्रवेश नहीं।