mp news: मध्यप्रदेश के सागर में नगर निगम दफ्तर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अचानक कोर्ट के आदेश पर निगम कमिश्नर की गाड़ी को कुर्क कर दिया गया। करीब 8-10 साल पुराने मामले में न्यायालय ने यह कुर्की आदेश निकाला दरअसल राजकुमारी कोष्ठी नाम की एक कर्मचारी के स्वामित्व के भुगतान का केस उनके परिजनों ने न्यायालय में लगाया था। कोर्ट ने स्वामित्व के भुगतान के आदेश दिए लेकिन नगर निगम ने भुगतान नहीं किया।
न्यायालय के कर्मचारियों ने बुधवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचकर निगमायुक्त राजकुमार खत्री के वाहन पर कुर्की का आदेश चस्पा किया और उसे पुराने से उठाकर नए कार्यालय में रखवा दिया। निगमायुक्त वाहन पर कुर्की आदेश देख निगम के कर्मचारी हैरान रह गए और तुरंत मामले की जानकारी जुटाई तो पता चला कि 8-10 साल पुराना मामला है। राजकुमारी कोष्ठी नाम की एक कर्मचारी के स्वामित्व का भुगतान न करने के कारण कोर्ट ने आदेश दिया था लेकिन जब आदेश का पालन नहीं हुआ तो नगर निगम कमिश्नर के वाहन को कुर्की का आदेश निकाला है।
निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री की गाड़ी पर कुर्की का जो नोटिस चस्पा किया गया है उसमें लिखा है कि केस नंबर 353/24 दिनेश कोष्ठी बनाम नगर निगम, चुकता दावा राशि 6,61,602 रुपए है। वाहन क्रमांक एमपी 15 टी 3899, 2 अप्रेल 2025 को कुर्क किया गया। इस पूरे मामले पर निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने कहा कि न्यायालय का मामला है, जानकारी ले रहे हैं। वहीं नगर निगम के विभागीय अधिकारियों की मानें तो इसमें स्थापना व विधि विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है, जिन्होंने इस पुराने मामले की सूचना निगमायुक्त को नहीं दी।