CG News: निगम प्रशासन बड़े बकाएदारों पर इस बार भी नहीं बनाया दबाव
दो दिनों की सरकारी छुट्टियों में प्रॉपर्टी टैक्स जमा होने से नगर निगम के खजाने का आंकड़ा 300 करोड़ पार हो गया है। सोमवार को देर रात तक निगम के सभी 10 जोन कार्यालय के काउंटर खुले रहे। अब 1 अप्रैल से नगर निगम 17 प्रतिशत सरचार्ज के साथ
प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली करेगा। प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के मामले में निगम प्रशासन बड़े बकाएदारों पर इस बार भी दबाव नहीं बना पाया।
संपत्ति कर जमा कराए जाने का लिया निर्णय
ऐसे लोगों से केवल आधा-अधूरा ही टैक्स जमा हुआ है। इसके बावजूद 300 करोड़ का आंकड़ा पार हो गया है। जो कि पिछले साल से 35 से 40 करोड़ ज्यादा है। 31 मार्च आखिरी तारीख होने से प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वालों में सुबह से देर रात तक होड़ रही। ऑनलाइन सुविधाएं होने के बाद भी अधिकांश लोगों ने आखिरी दिन का इंतजार किया। निगम के अनुसार 31 मार्च तक संपत्ति कर नहीं देने वालों से अब 17 प्रतिशत अधिभार सहित वसूली की जाएगी। लाखों के बड़े बकाएदारों पर अभियान चलाकर संपत्ति कर जमा कराने का निर्णय लिया गया है।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में बदलाव
नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) 1 अप्रैल, 2025 से ऐसे मोबाइल बैंकों के यूपीआई ट्रांजेक्शन को बंद करने वाली है, जो लंबे से इनएक्टिव हैं। बैंक अकाउंट से कोई लिंक्ड नंबर लंबे समय से बंद है तो यूपीआई ट्रांजेक्शन को जारी रखने के लिए 1 अप्रैल 2025 से पहले बैंक अकाउंट से नया नंबर लिंक कराना अनिवार्य है। डोरमेंट अकाउंट होंगे बंद
फ्रॉड और फिशिंग स्कैम रोकने के लिए पिछले 12 महीनों में इस्तेमाल नहीं किए गए यूपीआई आईडी डिसेबल हो जाएंगे। यूजर्स के अपनी डोरमेंट यूपीआई आईडी को फिर से एक्टिवेट नहीं करने पर उसे बंद कर दिया जाएगा। इस देखते हुए आईडी को फिर से एक्टिव करना पडे़गा।
एफडी ज्यादा फायदेमंद होगी
एफडी और आरडी और अन्य स्कीम पर बैंक 1 लाख रुपए तक के ब्याज पर टीडीएस नहीं कटेगा। यह लिमिट सीनियर सिटीजन के लिए तय की गई है। पहले इसकी लिमिट 50 हजार रुपए थी। वहीं, दूसरे निवेशकों को भी राहत देते हुए इस लिमिट को 40 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है। इससे सीनियर सिटीजन को एफडी पर एक साल में एक लाख रुपए तक इंटरेस्ट मिलने पर भी टीडीएस नहीं कटेगा। वहीं, एसबीआई, एचडीएफसी, इंडियन, पंजाब एंड सिंध और आईडीबीआई बैंक ने अपनी एफडी और स्पेशल एफडी में बदलाव किया है। डीमैट-यूचुअल फंड अकाउंट के नियम कड़े
CG News: सेबी द्रारा यूचुअल फंड और
डीमैट अकाउंट खोलने के नियमों को और सख्त किया है। नए नियमों के मुताबिक सभी निवेशकों को अपने केवायसी और नॉमिनी डिटेल को फिर से अपडेट करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर डीमैट अकाउंट फ्रीज किया जा सकता है। हालांकि, इसे फिर से एक्टिव करवाया जा सकता है। इसके लिए दस्तावेजी साक्ष्य और नियमों का पालन करना पड़ेगा।
बचत खातों में न्यूनतम बैंलेंस जरूरी
सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं होने पर बैंक जुर्माना लगा सकता है। यह राशि विभिन्न बैंकों की मिनिमम बैलेंस लिमिट अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए जुर्माने से बचने के लिए अपने बैंक की पॉलिसियों को समझना जरूरी है।