अनुचित टिप्पणी पर मांगा जवाब
इन नेताओं से पार्टी के आंतरिक मामलों को लेकर सार्वजनिक रूप से अनुचित टिप्पणी करने पर जवाब मांगा गया है। ये नोटिस भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने जारी किए हैं। कर्नाटक प्रदेश भाजपा में लंबे समय से गुटबाजी चल रही है। विजयपुर के विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल के नेतृत्व वाला एक गुट प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। यह गुट विजयेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग कर रहा है। गोकाक के विधायक रमेश जारकीहोली समेत कुछ अन्य नेताओं ने यत्नाल को समर्थन किया है। कुछ बयानों में यत्नाल ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की भी आलोचना की है। उन्हें भी दो बार नोटिस दिया जा चुका है।
सोमशेखर और हेब्बार पर गिर सकती है गाज
सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेतृत्व शिवराम हेब्बार और एसटी सोमशेखर के खिलाफ उनकी पार्टी विरोधी टिप्पणियों के लिए कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। विजयेंद्र ने पहले कहा था कि पार्टी अनुचित टिप्पणियों के लिए दोनों विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। दोनों विधायकों को राज्य में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का करीबी माना जाता है। सोमशेखर कई बार कांग्रेस के कार्यक्रमों में नजर आए हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी कथित तौर पर उन्होंने पार्टी व्हीप का उल्लंघन किया था। भाजपा ने पांचों नेताओं को एक जैसा कारण बताओ नोटिस भेजा है।
किरोड़ी और वीज ने भी अपनी ही सरकार पर उठाए थे सवाल
बीजेपी) ने हाल ही में अपने दो वरिष्ठ नेताओं, राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और हरियाणा के मंत्री अनिल विज, को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सख्त संदेश दिया था। किरोड़ी लाल मीणा, जो राजस्थान में एक प्रभावशाली नेता हैं, ने पिछले दिनों दावा किया था कि उनकी फोन टैपिंग की जा रही है। यह बयान उन्होंने भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के खिलाफ दिया था। दूसरी ओर, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री और सात बार के विधायक अनिल विज को भी उनके बयानों के लिए नोटिस का सामना करना पड़ा। विज ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली के खिलाफ कई मौकों पर तीखी टिप्पणियां की थीं।