यह घटना मंगलवार को हुई, जब रमेश जुले के फोन पर एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ठग ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। उसकी डीपी में सीबीआई का लोगो लगा था, यह देख संगीतकार को मामला विश्वसनीय लगा और वे आरोपी के झांसे में आ गए।
शिकायत के मुताबिक, फर्जी अधिकारी ने रमेश जुले को बताया कि उनके नाम से आए एक पार्सल में बड़ी मात्रा में ड्रग्स मिला है, जिसके चलते उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। इस वजह से रमेश जुले घबरा गए और करीब तीन घंटे तक कॉल पर बने रहे। संगीतकार के इसी डर का फायदा ठग ने उठाया और उन्हें उनके बैंक खाते से सारी रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर कर दिया।
जब खाते से पूरी रकम निकल गई, तब रमेश जुले को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है। उन्होंने तुरंत मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।
अधिकारियों को संदे है कि यह किसी बड़े संगठित साइबर अपराध गिरोह का काम हो सकता है, जो खुद को सीबीआई, पुलिस या अन्य सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को ठगता है। साइबर पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी अधिकारी डिजिटल अरेस्ट जैसी प्रक्रिया नहीं करता। इसलिए ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल पर भरोसा नहीं करना चाहिए। अगर ऐसा कोई मामला सामने आता है तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करना चाहिए।