जिपं व जनपद के अधिकारी कर रहे ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी, कैसे हो कार्रवाई
धनेला पंचायत में तालाब, एनीकट निर्माण किए बिना 10 लाख, खेड़ा मेवदा में 1.47 करोड़ निकाले, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, समिति कार्रवाई के लिए बनाई जाती हैं या बचाव के लिए, जहां समिति सदस्य जांच करने पहुंचते हैं। वहां कार्रवाई न करते हुए भ्रष्टाचारियों को रास्ता बताकर जांच निपटा देते हैं।
मुरैना. जिले की पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में जिला व जनपद के अधिकारियों का हाथ है। जिला व जनपद पंचायत के कई अधिकारी पंचायतों में चल रहे निर्माण में ठेकेदारी कर रहे हैं या फिर उनके परिजन व रिश्तेदार काम कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में जांच समिति बनने के बाद भी कार्रवाई नहीं बल्कि जांच से कैसे बचा जा सकता है, समिति ये रास्ता बताकर जांच पूरी कर रही है।
जनपद पंचायत मुरैना की ग्राम पंचायत धनेला में तालाब व एनीकट बिना निर्माण कर 10 लाख रुपए एवं खेड़ा मेवदा पंचायत में 1.47 करोड़ रुपए और ग्राम पंचायत रूअर में बिना निर्माण किए लाखों रुपए निकालने की शिकायत जिला पंचायत में पहुंचने के बाद जांच शुरू हो चुकी है। जिला पंचायत से बनाई गई समिति की जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई पंचायतों में जिला पंचायत के कर्मचारियों के हिस्सेदारी की चर्चा भी सामने आ रही हैं। धनेला ग्राम पंचायत की शिकायत है कि नवल सिंह का पुरा के सामने वर्ककोड- 22012035/33210 एवं एनीकट निर्माण कार्य लखना के खेत के पास वर्क कोड 22012035/73619 की लगभग राशि दस लाख रुपए निकालकर निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। इसमें सरपंच, जीआरएस, सबइंजीनियर, बी सी सभी की मिली भगत है। इन निर्माण कार्यों के जीओटैग पूर्व जीआरएस द्वारा स्टीमेट के आधार पर उन्हीं जगहों पर किए गए थे, जहां स्टीमेट में जगह दर्शायी गई है। लेकिन पूर्व जीआरएस के हटने के बाद फर्जी मस्टर निकालकर भ्रष्टाचार कर राशि आहरण की गई है।
खेड़ा मेवदा में पांच महीने में निकाले 1.47 करोड़, समिति कर रही जांच
खेड़ा मेवदा ग्राम पंचायत में नवंबर से मार्च महीने तक करीब 1.47 करोड़ की राशि निकाली जा चुकी है लेकिन राशि के हिसाब से काम नहीं कराए गए हैं। ग्रामीणों ने शिकायत की तो सरपंच ने उनके खिलाफ दलित उत्पीडऩ का मामला दर्ज करा दिया है। जनपद सीइओ ने समिति तो बना दी है कि लेकिन जांच के नाम पर औपचारिकता की जा रही है। इस मामले मे सीइओ की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि एक तरफ सीइओ जांच करवाने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लगातार बिना निर्माण कराए राशि निकालते जा रहे हैं।
49 सीएम हेल्पलाइन के बाद रूअर पंचायत की जांच शुरू
जनपद पोरसा की ग्राम पंचायत रूअर की सीएम हेल्पलाइन में 49 शिकायत होने के बाद जिला पंचायत सीइओ ने जांच समिति गठित कर दी है। यहां सचिव द्वारा ग्राम पंचायत खाते से विगत वत्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में 60 लाख से अधिक राशि सरपंच के साथ मिलकर आहरण करना पाया गया हैं, राशि आहरण के कारण ग्रामीणजन द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर निरंतर शिकायत की गई। समिति में पीओ कमल यादव, सीनियर डेटा मैंनेजर नरेगा कमलेश आर्य को शामिल किया गया लेकिन जांच में बचाव किया जा रहा है। खबर है कि जिन विकास कार्यों के नाम पर पैसा निकाला था, उनका काम जांच समिति के पहुंचने के बाद शुरू करवा दिया गया है।
क्या बोले जिम्मेदार
खेड़ा मेवदा पंचायत की समिति जांच कर रही है, अभी रिपोर्ट नहीं आई है। धनेला पंचायत की शिकायत मिली है, उसकी भी समिति से जांच करवाएंगे।
महावीर जाटव, सीइओ, जनपद पंचायत, मुरैना
रूअर पंचायत की जांच लगभग पूरी की होने को हैं। डेटा मिलान और रह गया है, उसकी पूरी होते ही सीइओ को सम्मिट कर दी जाएगी।
कमल यादव, समिति सदस्य व पीओ, जिला पंचायत
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