छह साल पूर्व हो चुकी है तीन मजदूरों की मौत
बानमोर की एक बायोफ्यूल फैक्ट्री में छह साल पूर्व आग लग गई थी। बॉयलर में प्लास्ट होने पर पांच मजदूर चपेट में आए थे। जिनमें से तीन मजदूरों की मौत हो गई थी और दो घायल हुए थे। चूंकि मजदूर उप्र के रहने वाले थे, इसलिए मालिक ने पैसे देकर मामला रफा-दफा कर दिया था। इसलिए फैक्ट्री मालिक ज्यादातर बाहर के मजदूरों को ही काम पर रखते हैं।हॉटमिक्स प्लांट में काम आता है बायोफ्यूल
फैक्ट्रियों में पुराने टायर जलाकर उनसे निकलने वाला बॉयोफ्यूल (तेल) हॉटमिक्स प्लांट (डामर गिट्टी मिलाने वाली मशीन) एवं ब्रेड पकाने वाली भट्टियों में जलाने के काम आता है। 100 किलो वजन के टायर में 40 किलो तेल निकलता है। जो बाजार में करीब 40 से 43 रुपए किलो के हिसाब से बिकता है। इससे निकलने वाला काबर्न यूपी में भट्टों पर ईंट पकाने लकड़ी की जगह जलाने के काम आता है।ये है किसानों की पीड़ा
टायर जलाकर तेल निकालने वाली फैक्ट्रियों से निकलने वाले धूएं व गंदगी से आसपास की खेती किसानी प्रभावित हो रही है। धूएं से फैल रहे प्रदूषण से लोग बीमार हो रहे हैं।संजय गुर्जर, किसान
अधिकारियों की सांठगांठ के चलते टायर जलाकर तेल निकालने वाली फैक्ट्री संचालित हैं, इनमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, कई बार हादसा हो चुका है।पप्पू गुर्जर, उप सरपंच, दोहरावली
ये हो चुके हैं हादसे
19 सितंबर 2018 को नूराबाद थाना क्षेत्र के जड़ेरुआ में एक बायो फ्यूल फैक्ट्री में आग लगने से लाखों की क्षति हुई थी।21 सितंबर 2020 को बानमोर क्षेत्र के औद्योगिक एरिया में स्थित ग्लोबल बायो फ्यूल फैक्ट्री में लगी आग को बुझाने आई थीं मुरैना, ग्वालियर व भिंड की दमकल गाडिय़ां।
11 जून 2021 को नूराबाद थाना क्षेत्र के जड़ेरुआ में स्थित आर बी ग्रीनटेक बायो फ्यूल फैक्ट्री में आग लगी थी।
01 अक्टूबर 2023 को नूराबाद थाना क्षेत्र के जड़ेरुआ में स्थित बिनायक बायो फ्यूल फैक्ट्री में लगी थी आग।
13 जनवरी 2024 को नूराबाद थाना क्षेत्र के जड़ेरुआ में अंजली बायो फ्यूल फैक्ट्री में लगी थी आग।