महिला एवं बाल विकास के अनुदान पर महात्मा शिक्षा प्रसार समिति सबलगढ़ द्वारा संचालित महिला स्वाधार गृह में महिला की मौत हो गई, लाश सड़ गई, उसमें कीड़े पड़ गए और उसमें स्टाफ ड्यूटी भी करता रहा, उसको पता ही नहीं चला, यह गंभीर लापरवाही का मामला है। गृह की अधीक्षक की मानें तो उनके द्वारा महिला को अंतिम बार 22 फरवरी को देखा गया था। उसके बाद वह गृह में 24 फरवरी की सुबह पहुंची लेकिन उनको दिन भर में कुछ भी पता नहीं चला, रात में उनको दुर्गंध आई तब कमरों की तलाशी ली तो महिला मृत अवस्था में पड़ी मिली।
ये हैं गृह की देखभाल के लिए जिम्मेदार
महिला स्वाधार गृह की देखभाल के लिए संस्था संचालक बनवारी लाल शर्मा जो कि 70 किमी दूर सबलगढ़ में रहते हैं, महिला बाल विकास की सीडीपीओ, जो लंबे समय से गृह का निरीक्षण करने नहीं पहुंची, अधीक्षक और अन्य स्टाफ भी गृह की देखभाल के लिए जिम्मेदार है लेकिन महिला की मौत और शव का सडऩा, इसमे उपरोक्त सभी की लापरवाही उजागर हो रही है।क्या है स्वाधार गृह
महिला स्वाधार गृह, कठिन परिस्थितियों में महिलाओं को आश्रय, भोजन, और अन्य सहायता देने वाली योजना है. इस योजना का मकसद, महिलाओं को पुनर्वास के लिए संस्थागत सहायता देना है। इसको संचालित करने के लिए मुरैना में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मोटा अनुदान दिया जाता है।क्या कहते हैं जिम्मेदार लोग
मैं सबलगढ़ में रहता हूं, जब मुझे महिला की मौत की खबर मिली तो वहां से मुरैना आया। इस मामले में स्टाफ की लापरवाही है, उससे पूछेंगे कि ऐसा क्यों हुआ।-बनवारी लाल शर्मा, संचालक, महिला स्वाधार गृह
-शायरा बानो, अधीक्षक, महिला स्वाधार गृह
–अमर सिंह सिकरवार, टी आई, स्टेशन रोड थाना
सीबी प्रसाद, अपर कलेक्टर, मुरैना