एक अन्य अभिलेख के सत्यापन में भी 2 लाख से अधिक के स्टांप कमी का प्रकरण स्थलीय सत्यापन के दौरान सामने आया। इस प्रकार दो विक्रय अभिलेख के भौतिक सत्यापन के दौरान 40 लाख 70 हजार 700 रुपए की राजस्व की कमी पाई गई, जिसके कारण जिलाधिकारी ने संबंधित लोगों के खिलाफ स्टांप वाद दायर करते हुए नियमानुसार वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश सहायक आयुक्त स्टांप मऊ को दिए।
ज्ञातव्य है कि हर महीने में पंजीकृत सबसे बड़ी मालियत के पांच विलेखों का स्थलीय सत्यापन जिलाधिकारी द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने अपर जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त स्टांप एवं समस्त उप जिलाधिकारी को बिक्री की गई संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं, जिससे स्टांप कमी के प्रकरणों में भारी जुर्माना लगाते हुए प्रभावी कार्रवाई की जा सके।