महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा पर खतरा
गांव के लोगों ने चिंता जताई कि यदि बस्ती के भीतर शराब दुकान खुली, तो सुबह से देर रात तक शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहेगा। इससे स्थानीय लोगों को परेशानी और असुरक्षा का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि विभाग द्वारा बिना स्थानीय सहमति के बस्ती के बीच शराब दुकान खोलना गलत है।
पहले से चल रही अवैध पैकारियां
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में पहले से ही 8 से 10 स्थानों पर अवैध शराब बिक्री की जा रही है, जो पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में चल रही है। इस दौरान अभय जैन, संतोष राजपाल, अशोक रैकबार, विजय जैन, गोलू पटेल, राहुल राजपूत, राजेंद्र पटेल, मि_ू पटेल, कुलदीप जैन, रघु पटेल, राजा खान, राजा आदिवासी, सौरभ नायक, सोनू पटेल, राजन सेन, शंकर पटेल और प्रिंस जैन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में शराब दुकान को बस्ती से दूर स्थापित करने की मांग रखी।