दूबारा खुदाई के बाद श्वान के पिलो को जिंदा बाहर निकालते लोग।
साचौर(जालोर)। जालोर जिले के सांचौर शहर के हवाई पट्टी मैदान परिसर में नगर परिषद के कार्मिकों ने सोमवार शाम को मृत पशुओं के निस्तारण करते समय श्वान के 6 पिल्लों को भी सात फीट गहरे गड्ढे में जिंदा दफना दिया। जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों व पर्यावरणप्रेमी संगठनों से जुड़े लोगों ने घटना का विरोध जताते हुए कार्यवाही की मांग की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से प्रशासन भी हरकत में आ गया।
जानकारी मिलने पर मंगलवार दोपहर में वन एवं पर्यावरण समिति के गंगाराम पुनिया, सुजानाराम सारण, सुखराम खोखर, अशोक बेनीवाल, राजेश भादू मौके पर पहुंचे व जेसीबी से गड्ढ़े को खुदवाने व रेत बाहर निकालने की मांग की। मंगलवार को दोपहर बाद प्रशिक्षु आईपीएस काम्बले शरण गोपीनाथ, उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार चौधरी, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौका स्थल पर पहुंचे। नगर परिषद की जेसीबी को मौके पर बुलाया गया। श्वान के पिल्लों को जिंदा दफ़नाने वाली जगह की खुदाई शुरू की गई। करीब 15 मिनट की खुदाई करने के बाद श्वान के छह पिल्ले जिंदा मिल गए। इस दौरान मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। नगर परिषद की जेसीबी द्वारा सोमवार शाम करीब 5 बजे जेसीबी से रेत डालकर दफना दिया गया था। जिन्हें मंगलवार शाम करीब 4 बजे बाहर निकाला गया।
दूबारा खुदाई करती जेसीबी व मौके पर जमा लोग।
यह था मामला
शहर में हवाई पट्टी के पास नगरपरिषद के कार्मिकों द्वारा श्वान के छह पिल्लों को लोगों द्वारा बार बार गुहार लगाने के बाद भी जिंदा दफना दिया। लोग ने दोषी कार्मिकों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे थे। घटना 24 फरवरी शाम को पांच बजे की है। अंबेडकर छात्रावास की दीवार के पास नगर परिषद द्वारा नियम विरुद्ध अवैध तरीके से डंपिंग के लिए गड्ढ़ा खोदकर कचरा डाला जा रहा था। सके पास 10 दिन पूर्व एक कुत्तीया ने छः पिल्लो को जन्म दिया था। आसपास के समाज कल्याण छात्रावास के बच्चे व मोहल्ले के लोग उनकी देखरेख भी कर रहे थे। सोमवार को नगरपरिषद के कार्मिकों ने उसी जगह पर मृत बछड़े व बकरी के एक बछड़े को उसी गढ़े में डाल करके ऊपर जेसीबी से रेत डाल कर दफना दिया। आस पास के अंबेडकर छात्रावास के बच्चों ने कहा की अंदर कुतिया के छह बच्चे हैं। लेकिन जेसीबी संचालक ने एक नहीं सुनी और पिल्लों को दफना दिया। कुत्तिया भी जेसीबी के चारों तरफ दौड़ लगा रही थी। पिल्लों को दफनाने के बाद रातभर कुत्तिया इस जगह पर रोती रही।
इनका कहना…
मंगलवार सुबह मैंने देखा कि कुतियां रो रही है। मैने सोचा कि इसके पिल्लों को कोई खा तो नहीं गया। वहां जाकर देखा तो जहां पिल्ले थे। उसके ऊपर रेत डाली हुई थी। हालांकि वापस खुदाई करने पर पिल्ले जिंदा निकल गए।
– सुखराम खोखर, सांचौर नगर परिषद के कार्मिक अवैध तरीके से हवाई पट्टी मैदान में मृत पशुओं का निस्तारण करते हैं। इस दौरान उन्होंने श्वान के छह पिल्लों को भी दफना दिया। लापरवाही बरतने वालाें के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए। हमने उसके खिलाफ पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है।
– गंगाराम पुनिया, संयोजक वन एवं पर्यावरण समिति सांचौर श्वान के पिल्लों को जिंदा दफ़नाने की घटना पर मैं खुद मौका स्थल पर गया था। जिनको बाहर निकाला तो जिंदा थे। लापरवाह कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
– काम्बले शरण गोपीनाथ, प्रशिक्षु आइपीएस सांचौर
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