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जालोर

Elevated Road: कहीं आफत ना बन जाए 270 करोड़ से बन रही एलिवेटेड रोड! पिलर पर दरारें, अधिकारियों ने पल्ला झाड़ा

Elevated Road in Sanchore: स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने पूरा निर्माण कार्य ठेकेदार कंपनी के भरोसे छोड़ दिया है और विभाग के तकनीकी अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

जालोरApr 02, 2025 / 05:36 pm

Rakesh Mishra

Elevated Road in Sanchore

पत्रिका फोटो

राजस्थान के सांचौर शहर में नेशनल हाईवे 68 पर 270 करोड़ की लागत से बन रहे 3 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आ रही है। निर्माणाधीन पिलरों में दरारें नजर आ रही हैं। कई जगह पर फिनिशिंग अधूरी है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने पूरा निर्माण कार्य ठेकेदार कंपनी के भरोसे छोड़ दिया है और विभाग के तकनीकी अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लापरवाही के कारण निर्माण स्थल पर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

अभी हो रहा पिलर का निर्माण

एलिवेटेड रोड के लिए कंपनी की ओर से फिलहाल पिलर निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जिस पर माॅनिटरिंग के तौर पर न तो प्रशासनिक स्तर के अधिकारी निरीक्षण करने के लिए जा रहे हैं और ना ही विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई समीक्षा करके गुणवत्ता को लेकर कोई दिशा निर्देश जारी किया जा रहा है।
ऐसे में नियमों को ताक में रखकर बनने वाले एलिवेटेड रोड के निर्माण के नाम पर होने वाली लापरवाही बड़े हादसे की वजह बन सकती है। शहरवासियों ने एनएचएआई और संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की निगरानी बढ़ाई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

30 प्रतिशत माइनस में हासिल किया टेंडर

शहर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर बनने वाले एलिवेटेड रोड निर्माण का कार्य 30 प्रतिशत माइनस में लेने के बाद सवाल खड़े हो रहे थे कि कंपनी निर्माण कार्य शुरू करेगी या छोड़ेगी, लेकिन अब टेंडर लेने वाली कंपनी ने निर्माण कार्य मिट्टी की जांच के बाद शुरू कर तो कर दिया है, लेकिन कंपनी की ओर से किए जा रहे कार्य को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
ऐसे में विभाग की उदासीनता एलिवेटेड रोड की सुरक्षा पर कहीं भारी ना पड़ जाए। इस कार्य के तहत तहत एनएच-68 पर सीएनजी पेट्रोल पंप से लेकर माखुपुरा तक 72 जगहों में 90 फुट की गहराई से ड्रिलिंग करके मिट्टी निकाल कर सैंपल लिए गए थे, जिसके लिए 4 जगहों से मिट्टी के सैंपल एकत्रित कर वडोदरा की लैब में जांच के लिए भेजा गया था। जहां उनका परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट के बाद एलिवेटेड हाईवे के निर्माण की डिजाइन में बदलाव करते हुए निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जिसमें अभी 67 पिलर खड़े किए जा रहे हैं।

कंपनी अधिकारी बोले सीमेंट से ठीक कर देंगे

एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए निर्मित होने वाले पिलर में दिखने वाली दरार व स्पाॅट को सामान्य बताते हुए कंपनी के अधिकारी सीमेंट व कंकरीट से ठीक करने की बात कहते हुए जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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इनका कहना है

एलिवेटेड निर्माण में कोई कोताही नहीं बरते, इसको लेकर एनएचएआई के अधिकारी से बात करके उचित दिशा निर्देश देकर संबंधित अधिकारी को पिलर निर्माण के दौरान मौके पर मौजूद रहने के लिए पांबद किया जाएगा, ताकि हाईवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के निर्माण के मापदंडों का पूर्ण पालन हो।
  • प्रदीप गवांडे, जिला कलक्टर, जालोर
एलिवेटेड निर्माण के लिए जो भी कार्य किया जा रहा है, नियमों के तहत सही है। गारंटी पीरियड में सही रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। पिलरों में अगर दरार जैसी जानकारी है तो वह गलत है।
  • शंकर दत्त, प्रोजेक्ट मैनेजर, एलिवेटेड निर्माण कंपनी
एलिवेटेड के निर्माण को लेकर अभी पिलर का निर्माण हो रहा है, जिसमें फिनिंशिग की अनियमितता के साथ-साथ पिलरों पर दरार भी दिखाई दे रही है। इसे लेकर हमने जिला स्तरीय जनसुनवाई में तीन पर परिवाद भी दिया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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