जयपुर। आमतौर पर लोग पुलिस थाने को अपराध और कार्रवाई से जोड़कर देखते हैं, लेकिन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय हरसौरा की छात्राओं के लिए यह एक अनूठा अनुभव था। स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत 41 छात्राओं को कोटपूतली/बहरोड़ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय व कोटपूतली पुलिस थाने का शैक्षिक भ्रमण करवाया गया जहां उन्होंने न सिर्फ पुलिस सिस्टम को करीब से समझा बल्कि सुरक्षा और आत्मरक्षा के नए गुर भी सीखे।
जाना कैसे काम करता है पुलिस थाना? छात्राओं ने थाना परिसर में कदम रखते ही पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और जाना कि एक शिकायत कैसे दर्ज होती है, अपराधों की जांच कैसे की जाती है और पुलिस प्रशासन किस तरह से कानून व्यवस्था बनाए रखता है।
सुरक्षा के सीखे गुर इस दौरान उप महानिरीक्षक पुलिस राजन दुष्यन्त के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन में एसपीसी प्रभारी कुसमिला यादव, स्टाफ सदस्य लक्ष्मी यादव एवं एचटीयू प्रभारी हेड कांस्टेबल कविता ने छात्राओं को महिला सुरक्षा कानून, साइबर अपराध से बचाव, गुड टच-बैड टच की पहचान, आत्मरक्षा के तरीके और यातायात नियमों की जानकारी दी।
डिजिटल सुरक्षा पर विशेष फोकस आज के दौर में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। छात्राओं को बताया गया कि कैसे वे सोशल मीडिया और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग कर सकती हैं। उन्हें राजकॉपएप के “नीडहेल्प” फीचर, पोक्सो एक्ट और हेल्पलाइन नंबर्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
छात्राओं ने अनुभव को बताया यादगार इस अनूठे अनुभव ने छात्राओं को न केवल कानून और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाया बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाया। एक छात्रा ने बताया कि”हमें आज पहली बार समझ में आया कि पुलिस सिर्फ अपराधियों को पकड़ने के लिए ही नहीं बल्कि आम नागरिकों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहती है।कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को किसी भी संदेह या डर की स्थिति में बिना झिझक पुलिस की मदद लेने की सलाह दी और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम जारी रखने का आश्वासन दिया।